देश की खबरें | कृषि सुधार विधेयक ऐतिहासिक, किसानों को भ्रमित करने में बहुत सारी ‘शक्तियां’ लगीं: मोदी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में पारित कृषि सुधार संबंधी विधेयकों को ‘‘ऐतिहासिक’’ करार देते हुए इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को आश्वस्त किया कि ये विधेयक वास्तव में किसानों को कई और विकल्प प्रदान कर उन्हें सही मायने में सशक्त करने वाले हैं।
नयी दिल्ली , 17 सितंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में पारित कृषि सुधार संबंधी विधेयकों को ‘‘ऐतिहासिक’’ करार देते हुए इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को आश्वस्त किया कि ये विधेयक वास्तव में किसानों को कई और विकल्प प्रदान कर उन्हें सही मायने में सशक्त करने वाले हैं।
लोकसभा ने बृहस्पतिवार को कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक, कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक पारित कर दिया। आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक पहले ही पारित हो चुका है ।
विधेयकों के पारित होने पर मोदी ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा, ‘‘लोकसभा में ऐतिहासिक कृषि सुधार विधेयकों का पारित होना देश के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। ये विधेयक सही मायने में किसानों को बिचौलियों और तमाम अवरोधों से मुक्त करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि इस कृषि सुधार से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए नए-नए अवसर मिलेंगे, जिससे उनका मुनाफा बढ़ेगा।
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उन्होंने कहा, ‘‘इससे हमारे कृषि क्षेत्र को जहां आधुनिक टेक्नोलॉजी का लाभ मिलेगा, वहीं अन्नदाता सशक्त होंगे।’’
हालांकि इन विधेयकों के विरोध में भाजपा का सबसे पुराना सहयोगी शिरोमणि अकाली दल खफा हो गया है। पार्टी की नेता एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने तीनों विधेयकों को ‘‘किसान विरोधी’’ बताते हुए आज ही केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।
लोकसभा में इन विधेयकों के पारित होने से महज कुछ ही घंटे पहले उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। किसानों की बेटी और बहन के तौर पर उनके साथ खड़े होने पर गर्व है।’’
लोकसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने कृषि उपज एवं कीमत आश्वासन संबंधी विधेयकों को ‘किसान विरोधी’ करार देते आरोप लगाया कि इन विधेयकों से जमाखोरी, कालाबाजारी को बढ़ावा मिलेगा तथा उद्योगपतियों एवं बिचौलियों को फायदा होगा जबकि किसान बर्बाद हो जाएंगे।
इन विधेयकों के विरोध में देश के कुछ हिस्सों खासकर कृषि प्रधान पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में किसान प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को ‘‘भ्रमित’’ करने में ‘‘बहुत सारी शक्तियां’’ लगी हुई हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने किसान भाइयों और बहनों को आश्वस्त करता हूं कि एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और सरकारी खरीद की व्यवस्था बनी रहेगी। ये विधेयक वास्तव में किसानों को कई और विकल्प प्रदान कर उन्हें सही मायने में सशक्त करने वाले हैं।’’
प्रधानमंत्री ने अपने हर ट्वीट के साथ हैशटेग ‘‘जय किसान’’ का भी उल्लेख किया।
उन्होंने लोकसभा में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा दिए भाषण को भी साझा किया और किसानों तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों से अनुरोध किया कि वे इसे जरूर सुनें।
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