देश की खबरें | आंदोलनकारी किसान संघों को पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने चाहिए: गुरनाम सिंह चढूनी
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चंडीगढ़, सात जुलाई हरियाणा भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन में शामिल संगठनों को पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए, क्योंकि इससे बदलाव का मॉडल पेश किया जा सकता है।
किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के प्रमुख नेता चढूनी ने कहा, ‘‘मैं कहना चाहता हूं कि हमें ‘मिशन उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि मिशन पंजाब’ चलाना चाहिए।’’
एसकेएम ने सितंबर में उत्तर प्रदेश में ‘महापंचायत’ और अन्य आयोजनों की योजना बनाई है जहां अगले वर्ष चुनाव होने हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अब हम मिशन उप्र की ओर बढ़ रहे हैं। पांच सितंबर को वहां एक महापंचायत आयोजित की जाएगी। अन्य आयोजन होंगे। उसके बाद चुनाव आएंगे और हम भाजपा को हराने के लिए काम करेंगे। अगर मान लें कि भाजपा हार भी जाती है तो क्या केंद्र हमारी मांगों को मान लेगा। इसे अन्यथा मत लीजिए।’’
चढूनी ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण दिया जहां किसान संगठनों ने भाजपा के खिलाफ प्रचार किया। उन्होंने कहा, ‘‘वहां भाजपा की हार हुई, लेकिन क्या केंद्र ने हमारी मांगें मान लीं।’’
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने भी स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा है कि अगर वे सत्ता में आएंगे तो इन कानूनों को समाप्त किया जाएगा और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी वाला कानून बनाया जाएगा।
चढूनी ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘हम कहते हैं कि हम व्यवस्था बदलना चाहते हैं, लेकिन इस बारे में ज्यादा नहीं सोचते कि इसे साकार करने के लिए क्या करना होगा।’’
उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस व्यवस्था को बदलने में नाकाम रहे हैं ऐसे में हमें किससे उम्मीद रखनी चाहिए। किसान नेता ने कहा, ‘‘अगर हमें व्यवस्था बदलनी है तो हमें एक योजना बनानी होगी और वह योजना ‘मिशन पंजाब’ होनी चाहिए।’’
गौरतलब है कि पंजाब में भी अगले साल चुनाव होने हैं।
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