देश की खबरें | पूर्वोत्तर में जीत के बाद 2024 के आम चुनाव में बेहतर परिणाम के लिए भाजपा की नजर दक्षिणी राज्यों पर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भले ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास दक्षिणी राज्यों से लोकसभा में महज 29 सदस्य ही हैं, लेकिन पूर्वोत्तर राज्यों में हालिया विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के बाद इसकी नजर दक्षिणी राज्यों की 129 संसदीय सीट में अधिक से अधिक सेंध लगाने पर टिकी है।

चेन्नई, पांच मार्च भले ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास दक्षिणी राज्यों से लोकसभा में महज 29 सदस्य ही हैं, लेकिन पूर्वोत्तर राज्यों में हालिया विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के बाद इसकी नजर दक्षिणी राज्यों की 129 संसदीय सीट में अधिक से अधिक सेंध लगाने पर टिकी है।

हाल में संपन्न चुनाव में पूर्वोत्तर में मिली शानदार सफलता तथा कुछ दक्षिणी राज्यों में 2019 और 2024 के बीच राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव से भाजपा उत्साहित है तथा लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता पर राजग के आरूढ़ होने की अपनी कोशिश के तहत उसकी नजर दक्षिण के वोटों पर है।

भाजपा-शासित कर्नाटक और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) शासित तेलंगाना में इस साल के अंत में जो विधानसभा चुनाव होंगे, उससे इसका संकेत मिल जाएगा कि दक्षिण में कमल के खिलने के लिए माहौल अनूकूल है या नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में पार्टी के विजयी होने का विश्वास प्रकट किया है, जहां भाजपा से एक सांसद एवं एक विधायक है।

पार्टी तेलंगाना में के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति के लिए एक चुनौती बनकर उभरी है। वह हाल के दो-तीन विधानसभा उपुचनावों में विजयी हुई और उसने 2020 के हैदराबाद नगम निगम के चुनाव में उम्दा प्रदर्शन किया। इससे 2024 के चुनाव में ताकतवर बीआरएस को टक्कर देने का पार्टी का मनोबल बढ़ा है।

संयोग से, राव भी केंद्र से भाजपा सरकार को 2014 में अपदस्थ करने की कोशिश में जुट गये हैं। उधर, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन को एक ऐसे नेता के रूप में पेश किया जा रहा है जो भाजपा को चुनौती देने के लिए गैर-भाजपा मतों को एकजुट कर सकते हैं।

वर्तमान में लोकसभा में भाजपा के पास दक्षिण से जो 29 सीट हैं वे सभी उसके शासित कर्नाटक और बीआरएस शासित तेलंगाना से हैं। भाजपा ने 2019 में कर्नाटक में 28 में से 25 लोकसभा सीट जीती थी और मांड्या में उसके समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार ने भी बाजी मारी थी।

तेलंगाना से चार सांसद चुनकर लोकसभा पहुंचे थे, लेकिन तमिलनाडु, केरल एवं आंध्रप्रदेश से इस सदन में भाजपा का कोई प्रतिनिधि नहीं है। इन तीनों राज्यों में क्रमश: द्रमुक, कांग्रेस एवं वाईएससीआरसीपी सत्तासीन हैं।

लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं को विश्वास है कि द्रविड़ राजनीतिक के केंद्र तमिलनाडु में चीजें भाजपा के पक्ष में जाने लगी हैं। उदाहरण के तौर पर पार्टी नेता बताते हैं कि 2021 के विधानसभा चुनाव में द्रमुक लहर के बावजूद भाजपा ने चार निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की थी। उनमें एक तो इरोड जिले में है, जो द्रविड़ आंदोलन के बड़े एवं तर्कवादी नेता ई वी रामसामी पेरियार का जन्मस्थल है।

पार्टी की प्रदेश इकाई ने 2024 के आम चुनाव में 15 सीट जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है। भाजपा महसूस करती है कि तमिलनाडु में 2024 के लोकसभा चुनाव पहले के चुनाव से भिन्न होंगे।

अन्यत्र, भाजपा कर्नाटक के बाद तेलंगाना को अगले एक ऐसे राज्य में रूप में देखती है, जहां उसे लगता है कि राज्य की सत्ता में उसके आने की संभावना है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

IPL 2026 Points Table With Net Run-Rate (NRR): राजस्थान रॉयल्स से जीतकर सातवें पायदान पर पहुंची दिल्ली कैपिटल्स, टॉप तीन पर इन टीमों का कब्जा, देखें अपडेट पॉइंट्स टेबल

DC vs RR, IPL 2026 62nd Match Scorecard: रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से दी करारी शिकस्त, केएल राहुल और अभिषेक पोरेल ने खेली ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

CSK vs SRH, IPL 2026 63rd Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा चेन्नई सुपरकिंग्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

Central Railway: RPF ने चार महीने में 584 बच्चों और जरूरतमंद लोगों को परिवार से मिलाया, 25 यात्रियों की बचाई जान