एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | उपराज्यपाल के आदेश पर आप सरकार के विरोध के बाद दिल्ली में अब संस्थागत पृथक-वास अनिवार्य नहीं

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल द्वारा कोरोना वायरस से संक्रमित प्रत्येक मरीज के लिए पांच दिन संस्थागत पृथक-वास में रहना अनिवार्य किये जाने के निर्देश दिये जाने के एक दिन बाद आप सरकार के कड़े विरोध के बाद इस फैसले को शनिवार को वापस ले लिया गया।

देश की खबरें | उपराज्यपाल के आदेश पर आप सरकार के विरोध के बाद दिल्ली में अब संस्थागत पृथक-वास अनिवार्य नहीं
जियो

नयी दिल्ली, 20 जून दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल द्वारा कोरोना वायरस से संक्रमित प्रत्येक मरीज के लिए पांच दिन संस्थागत पृथक-वास में रहना अनिवार्य किये जाने के निर्देश दिये जाने के एक दिन बाद आप सरकार के कड़े विरोध के बाद इस फैसले को शनिवार को वापस ले लिया गया।

दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच दो बैठकों के बाद यह घटनाक्रम सामने आया है। अब जो भी लोग संक्रमित पाये जाते हैं, उन्हें पहले कोविड केन्द्रों में जांच करानी होगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराये जाने की जरूरत तो नहीं है। यह भी जांच की जायेगी कि क्या उनके पास घर में पृथक रहने के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं या नहीं है।

यह भी पढ़े | कोविड-19 के झारखंड में 59 मरीज पाए गए, 69 नए लोग हुए ठीक: 20 जून 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

आप सरकार ने कहा था कि संस्थागत पृथक-वास को अनिवार्य किये जाने से काफी गंभीर असर पड़ेगा क्योंकि मामलों की बढ़ती संख्या का बोझ उठाने में शहर में पर्याप्त सुविधाएं नहीं होगी।

उपराज्यपाल कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक के दौरान अनिवार्य संस्थागत पृथक-वास के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और दिल्ली सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

यह भी पढ़े | कोरोना के इलाज के लिए ग्लेनमार्क ने पेश की ‘फेविपिराविर’ गोली, प्रति टैबलेट कीमत 103 रुपए.

एक अन्य फैसले में डीडीएमए ने कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों में बिस्तरों की दरें निर्धारित करने के लिए उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को मंजूरी दे दी। सभी अस्पतालों में पृथक बिस्तर, आईसीयू वेंटिलेटर के बिना और वेंटिलेटर के साथ आईसीयू की दरें क्रमश: 8000-10000 रुपये, 13000-15000 रुपये और 15000-18000 रुपये तक रखी गई है।

बयान में कहा गया है, ‘‘संक्रमित पाये गये सभी लोगों को, उनकी स्थिति का आकलन करने, बीमारी की गंभीरता को देखने और यह पता करने के लिए वे किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित तो नहीं है, कोविड केन्द्रों में भेजा जायेगा।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘यदि घर में पर्याप्त सुविधा मौजूद है और व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराये जाने की जरूरत नहीं है तो उन्हें कोविड केन्द्र/ भुगतान कर पृथक केन्द्र (होटलों) में रहने की पेशकश की जायेगी या फिर वे घर में भी पृथक रह सकते हैं।’’

उपराज्यपाल कार्यालय ने कहा, ‘‘पहले के आदेशों में इसी के अनुसार संशोधन किया जायेगा।’’

उपराज्यपाल कार्यालय ने बिस्तरों की दर पर कहा कि समिति द्वारा अनुमोदित दरें निजी अस्पतालों की कुल बिस्तर क्षमता के 60 प्रतिशत की ऊपरी सीमा तक सभी कोविड बिस्तरों पर लागू होंगी।

बैठक के बाद सिसोदिया ने कहा कि घर में पृथक रहने को लेकर उपराज्यपाल की आशंका संबंधी मुद्दे को सुलझा लिया गया है और घर में पृथक रहने की व्यवस्था जारी रहेगी।

सिसोदिया ने ट्वीट किया, ‘‘घर में पृथक रहने को लेकर एलजी की जो भी आशंकाएं थीं वे एसडीएमए की बैठक में सुलझा ली गई और अब ‘होम आइसोलेशन’ की व्यवस्था जारी रहेगी। हम इसके लिए एलजी का आभार व्यक्त करते हैं। हमारे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में हम दिल्ली वालों को कोई तकलीफ़ नहीं होने देंगे।’’

इससे पूर्व पांच दिन के संस्थागत पृथक-वास में रहने संबंधी उपराज्यपाल के आदेश का विरोध करते हुए सिसोदिया ने कहा था, ‘‘हर दिन 3,000 से अधिक मरीज कोविड-19 उपचार के लिए आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 30 जून तक एक लाख मरीजों के होने की आशंका है, 15 जुलाई तक 1.25 लाख मरीज और 31 जुलाई तक लगभग 5.25 लाख मरीज हो सकते हैं। यह स्थिति तब है जब घर पर पृथक रखने की व्यवस्था जारी रहती है।’’

इससे संबंधित एक घटनाक्रम में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने उत्तरपूर्व दिल्ली में रैपिड एंटीजन जांच केन्द्र का निरीक्षण किया।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार राजधानी में कोविड-19 महामारी से लोगों को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस उद्देश्य के लिए 277 करोड़ रुपये दिये है।

रेड्डी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने तीव्र जांच के लिए दक्षिण कोरिया से छह लाख जांच किट खरीदी है जिनमें से 50,000 जांच किट दिल्ली को उपलब्ध कराई गई है और 15000 जांच प्रतिदिन करने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है।

इस बीच दिल्ली के एक निजी कोविड-19 अस्पताल के आईसीयू में भर्ती दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को शनिवार को प्लाज्मा थैरेपी दी गई और अब उनकी हालत स्थिर है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 55 वर्षीय मंत्री की सेहत में सुधार हो रहा है और चिकित्सक उनकी लगातार देखरेख कर रहे हैं।

जैन की हालत बिगड़ने पर उन्हें एक सरकारी अस्पताल से मैक्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करवाया गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 21, 2020 12:02 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).