विदेश की खबरें | भारत सरकार की आपत्ति के बाद सूदबी ने बुद्ध से जुड़े आभूषणों की नीलामी स्थगित की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. भारत सरकार ने इस नीलामी को रोकने की मांग की थी।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

भारत सरकार ने इस नीलामी को रोकने की मांग की थी।

नीलामी कंपनी ‘सूदबी’ ने बताया कि नीलामी के लिए रखे गए रत्न ऐतिहासिक रूप से बुद्ध के भौतिक अवशेषों के साथ दफनाए गए थे और 1898 में ये उत्तरी भारत में खोजे गए थे।

भारत के संस्कृति मंत्रालय ने मंगलवार को एक फेसबुक पोस्ट में कहा था कि उसने हांगकांग के सूदबी को एक कानूनी नोटिस जारी कर इस नीलामी को तत्काल रोकने की मांग की। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि नीलामी ‘‘भारतीय कानूनों, अंतरराष्ट्रीय नियमों और संयुक्त राष्ट्र सम्मेलनों’’ का उल्लंघन करती है।

इसमें कहा गया है कि नीलामी में पवित्र बौद्ध अवशेष शामिल हैं जो भारत और वैश्विक बौद्ध समुदाय की अविभाज्य धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं।

इसने बुद्ध से संबंधित रत्नों को भारत सरकार को वापस लौटाने और नीलामी कंपनी तथा क्रिस पेप्पे से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

पेप्पे ब्रिटिश विलियम पेप्पे के पड़पोते हैं, जिन्हें खुदाई में अवशेषों मिले थे।

सूदबी ने बुधवार को एक बयान में नीलामी स्थगित किए जाने की घोषणा की। बयान में भारत सरकार द्वारा उठाए गए मुद्दों को स्वीकार किया गया।

भारतीय संस्कृति मंत्रालय ने बुधवार को फेसबुक पर कहा कि उसे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि उसके हस्तक्षेप के बाद नीलामी स्थगित कर दी गई है।

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