देश की खबरें | अंत्येष्टि के बाद चमोली के गांवों में पसरा सन्नाटा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड में अलकनंदा के तट पर बारह लोगों की अंत्येष्टि के बाद चमोली जिले के हरमनी और रांगतोली गांवों में बृहस्पतिवार को सन्नाटा पसर गया जिसे बीच-बीच में सिसकियों की आवाज तोड़ रही थीं ।
गोपेश्वर/देहरादून, 20 जुलाई उत्तराखंड में अलकनंदा के तट पर बारह लोगों की अंत्येष्टि के बाद चमोली जिले के हरमनी और रांगतोली गांवों में बृहस्पतिवार को सन्नाटा पसर गया जिसे बीच-बीच में सिसकियों की आवाज तोड़ रही थीं ।
ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल था और उनके हलक से निवाला भी नीचे नहीं उतर रहा था। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा है कि जल्द लौटने का वादा करके जाने वाले उनके परिजन अब वापस नहीं आएंगे । हांलांकि, परिवारों के बचे लोग अपना दुख भुलाकर एक दूसरे को सहारा देते हुए दिखे ।
इससे पहले दिन में, करंट हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की अलकनंदा के तट पर अंत्येष्टि कर दी गयी ।
हादसे का शिकार हुए हरमनी,रांगतौली और रोपा गांवों के 12 लोगों का पारंपरिक घाटों पर बेहद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। कुहेड़ और बाजपुर गांव के समीप स्थित श्मशान घाटों पर आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मृतकों को अंतिम विदाई देने आए।
हादसे में मारे गए मल शोधन संयंत्र (एसटीपी) में कार्यरत एवं हरमनी गांव के गणेश लाल, उसके भाई दीपू कुमार और उनके पिता महेंद्र लाल को मुखाग्नि उनके भाई मनीष ने दी। हरमनी गांव के होम गार्ड मुकुंदी राम और रोपां गांव के गोपाल का दाह संस्कार उनके पुत्रों ने किया ।
हादसे में मारे गए पुलिस उप निरीक्षक प्रदीप रावत सहित अन्य चार का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांवों में किया गया ।
हादसे के शोक में चमोली समेत आसपास के इलाकों में बाजार तथा अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी बंद रही ।
चमोली कस्बे में ‘नमामि गंगे’ परियोजना के तहत बने मल शोधन संयंत्र (एसटीपी) में बुधवार को करंट फैलने से 16 व्यक्तियों की मौत हो गयी थी जबकि 11 अन्य घायल हो गए थे।
गणेश लाल के घर में अब केवल उसकी मां संतोषी देवी और एक भाई ही बचे हैं । अपने पति और दो पुत्रों की मौत की खबर सुनने के बाद से संतोषी देवी बदहवास हो गयी हैं । उनका दर्द केवल अपने परिवारजनों को खोने तक ही सीमित नहीं है और हादसे ने उनके जीजाजी और भांजे की भी बलि ले ली ।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)