देश की खबरें | एयरो इंडिया: वायुसेना के विमानों ने पहले दिन कलाबाजी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय वायुसेना के विमानों ने सोमवार को यहां स्वच्छ आकाश में गर्जना के साथ उड़ान भरी और इसी के साथ द्विवार्षिक एयरो इंडिया 2025 का 15वां संस्करण आरंभ हुआ।

बेंगलुरु, 10 फरवरी भारतीय वायुसेना के विमानों ने सोमवार को यहां स्वच्छ आकाश में गर्जना के साथ उड़ान भरी और इसी के साथ द्विवार्षिक एयरो इंडिया 2025 का 15वां संस्करण आरंभ हुआ।

येलहांका वायुसेना स्टेशन पर विमान ने हवा में हैरतअंगेज कलाबाजी का प्रदर्शन करके दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

पांच दिवसीय यह कार्यक्रम एशिया के सबसे बड़े शो में से एक माना जाता है जिसमें कई देश और कंपनियां हिस्सा लेती हैं और एयरोस्पेस क्षेत्र में अपने उत्पादों और कौशल का प्रदर्शन करती हैं।

टीम का नेतृत्व करते हुए एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने तेजस विमान के साथ इस कार्यक्रम की पहली उड़ान भरी। उन्होंने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भरी।

राफेल उड़ाने वाली महिला पायलटों द्वारा शक्ति आकृति ने भारतीय वायुसेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को प्रदर्शित किया।

भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की सूर्य किरण एरोबैटिक टीम (एसकेएटी) ने विभिन्न आकृतियों का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर दर्शक दंग रह गए।

बीएई सिस्टम्स हॉक एमके 132 विमान का उपयोग करते हुए टीम ने करीब से नौ विमानों को उड़ाया। एसकेएटी ने तिरंगा आकृति बनायी।

अन्य करतबों में भारतीय नौसेना द्वारा वरुण आकृति, जगुआर विमान द्वारा तीर आकृति और तीन सुखोई विमानों द्वारा त्रिशूल आकृति शामिल थी।

एचएएल के लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टरों ने भी अपनी कलाबाजियों से दर्शकों को प्रभावित किया। ये हेलीकॉप्टर उच्च ऊंचाई वाले स्थानों पर तैनात रक्षा बलों के लिए काफी मददगार रहे हैं।

इस आयोजन का दिलचस्प पहलू यह है कि अमेरिकी लड़ाकू विमान लॉकहीड मार्टिन एफ35 और रूस का सुखोई-एसयू-57 एकसाथ एयरो इंडिया शो में हिस्सा ले रहे हैं।

एक सरकारी बयान में कहा गया है, ‘‘इतिहास में पहली बार एयरो इंडिया 2025 में दुनिया के दो सबसे उन्नत पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान - रूसी एसयू-57 और अमेरिकी एफ-35 लाइटनिंग दो - हिस्सा लेंगे।’’

इसमें कहा गया है कि यह वैश्विक रक्षा सहयोग और तकनीकी उन्नति में एक मील का पत्थर है, जो विमानों में रुचि रखने वालों और रक्षा विशेषज्ञों को इन अत्याधुनिक युद्धक विमानों को देखने का एक अद्वितीय अवसर प्रदान करता है।

रक्षा अधिकारियों के अनुसार, एफ-35 को द्विवार्षिक शो के दौरान स्थैतिक प्रदर्शन के लिए रखा जाएगा।

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