अदालत: डिप्टी रजिस्ट्रार और उससे ऊपर की श्रेणी के अफसरों को चार मई से दफ्तर आने के निर्देश
शीर्ष अदालत ने 25 मार्च से लॉकडाउन शुरू होने से कुछ दिन पहले 23 मार्च से अपने कामकाज को सीमित कर दिया था और वर्तमान में वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तत्काल मामलों की सुनवाई कर रही है।
नयी दिल्ली, तीन मई प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे ने निर्देश दिया है कि उच्चतम न्यायालय के डिप्टी रजिस्ट्रार और उसके ऊपर की श्रेणी के अधिकारी या रजिस्ट्री में उनके समकक्ष पद के अधिकारी चार मई से कार्यालय आएंगे।
शीर्ष अदालत ने 25 मार्च से लॉकडाउन शुरू होने से कुछ दिन पहले 23 मार्च से अपने कामकाज को सीमित कर दिया था और वर्तमान में वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तत्काल मामलों की सुनवाई कर रही है।
शीर्ष अदालत के सेक्रेटरी जनरल संजीव एस कलगांवकर द्वारा रविवार को जारी एक कार्यालय आदेश में कहा गया कि शेष कर्मचारी पूर्व में अधिसूचित नियमों और शर्तों के अनुसार घर से काम करना जारी रखेंगे।
इसमें कहा गया, ‘‘उपरोक्त उल्लेखित आदेशों के आंशिक संशोधन के तहत भारत के प्रधान न्यायाधीश को यह निर्देश देते हुए प्रसन्नता हो रही है कि डिप्टी रजिस्ट्रार और इससे ऊपर की श्रेणी के अधिकारी या रजिस्ट्री में उनके समकक्ष पद के अधिकारी चार मई से कार्यालय में उपस्थित होंगे।’’
इसमें कहा गया, ‘‘शेष कर्मचारी पूर्व में अधिसूचित ऐसे नियमों और शर्तों के तहत घर से काम करना जारी रखेंगे, हालांकि संबंधित रजिस्ट्रार किसी भी अन्य अधीनस्थ अधिकारी / कर्मचारियों को किसी भी आवश्यकता को पूरा करने के लिए कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दे सकते हैं। इस तरह के निर्देश पर, ऐसे अधिकारी / या कर्मचारी उस दिनांक और समय पर कार्यालय में ड्यूटी के लिए उपस्थित होंगे।
कार्यालय आदेश में कहा गया है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय आते समय और कार्यालय से घर जाते समय सरकार और शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री द्वारा कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए जारी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करेंगे, जैसे एकदूसरे से दूरी बनाये रखना और चेहरे पर मास्क लगाना आदि।
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