नयी दिल्ली, 27 अप्रैल दिल्ली विश्वविद्यालय के एक एड-हॉक शिक्षक बाहरी दिल्ली के रानी बाग इलाके में अपने घर पर मृत मिले। उन्हें कुछ दिन पहले ही हिंदू कॉलेज से नौकरी से हटाया गया था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
घटना के बाद शिक्षक के पूर्व सहकर्मियों और छात्रों ने प्रदर्शन किया।
राजस्थान के बारां जिले के मोलकी गांव के रहने वाले 33 साल के समरवीर अपने कमरे में पंखे से फंदे पर लटके हुए मिले। शिक्षक के साथ उनका एक रिश्तेदार रहता था जो घटना के वक्त काम पर गया था। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने कहा कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन शिक्षक के रिश्तेदार के अनुसार वह अवसाद में थे।
शिक्षक के रिश्तेदार ने पुलिस को बताया कि समरवीर हिंदू कॉलेज में एड-हॉक व्याख्याता के रूप में कार्यरत थे, लेकिन हाल में उनकी जगह किसी और को नौकरी पर रख लिया गया था।
इस बारे में जानकारी के लिए जब कॉलेज की प्राचार्य अंजू श्रीवास्तव का पक्ष जानने के लिए फोन और मैसेज किये गये तो कोई जवाब नहीं मिला।
दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों ने हिंदू कॉलेज के बाहर प्रदर्शन किया और समरवीर के लिए न्याय की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और तख्तियां लहराईं।
एक प्लेकार्ड पर लिखा था, ‘‘हम नौकरी में सुरक्षा की मांग कर रहे एड-हॉक शिक्षकों के संघर्ष में साथ खड़े हैं। प्रोफेसर समरवीर को न्याय मिले।’’
दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर शुभांशी मिश्रा ने कहा कि ऐसा लगता है कि समरवीर ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘हाल में हिंदू कॉलेज से उनकी नौकरी चली गयी थी। ऐसा लगता है कि उन्होंने खुदकुशी कर ली क्योंकि वह अवसादग्रस्त थे।’’
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