ताजा खबरें | सुगम्य भारत अभियान की रफ्तार अपेक्षा से कम: संसदीय समिति
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद की एक समिति ने निराशा जताते हुए कहा है कि दिव्यांगों के लिए शुरू किये गये सुगम्य भारत अभियान की प्रगति अपेक्षा से कम रही है और कार्यक्रम के तहत चिह्नित 1,662 भवनों में से केवल 494 को 2015 से लेकर अब तक सुगम्य बनाया जा सका है।
नयी दिल्ली, छह अगस्त संसद की एक समिति ने निराशा जताते हुए कहा है कि दिव्यांगों के लिए शुरू किये गये सुगम्य भारत अभियान की प्रगति अपेक्षा से कम रही है और कार्यक्रम के तहत चिह्नित 1,662 भवनों में से केवल 494 को 2015 से लेकर अब तक सुगम्य बनाया जा सका है।
सरकार ने भारत में परिवहन, सार्वजनिक स्थलों, पर्यटन स्थलों, अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तनों, रेलवे स्टेशनों और सूचना तथा संचार प्रौद्योगिकी को दिव्यांगों के अनुकूल बनाने के लिए 2015 में उक्त अभियान की शुरुआत की थी।
समिति ने यह सिफारिश भी की है कि यदि अभियान के तहत समय-सीमाओं का पालन नहीं किया जाता तो अंतिम विकल्प के तौर पर दंडनीय प्रावधानों को अपनाया जा सकता है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता (दिव्यांग जन सशक्तीकरण विभाग) पर संसद की स्थायी समिति की 23 वीं रिपोर्ट में यह सिफारिश की गयी है। ‘दिव्यांग जन अधिकार अधिनियम, 2016’ के क्रियान्वयन के लिए योजना का आकलन’ पर रिपोर्ट जारी की गयी है।
संसद में प्रस्तुत रिपोर्ट में समिति ने कहा कि जुलाई 2016 के प्रारंभिक लक्ष्य को आगे बढ़ाने के बावजूद कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने अभी तक 193 भवनों को जून 2022 की बढ़ाई हुई तारीख तक सुगम्य बनाने के लिहाज से कोई लक्ष्य या समय-सीमा नहीं तय की है। इन राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब और त्रिपुरा शामिल हैं।
समिति ने कहा कि वह रेल मंत्रालय के कामकाज की रफ्तार से भी संतुष्ट नहीं है जो आदर्श रेलवे स्टेशन बनाने या दिव्यांग जन के लिए सुविधाएं प्रदान करने में पिछड़ रहा है।
समिति ने सिफारिश की कि दिव्यांग जन सशक्तीकरण विभाग को समय-सीमाओं का पालन करना चाहिए और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों एवं मंत्रालय के साथ प्रभावी तरीके से काम करना चाहिए।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)