नयी दिल्ली, 13 मार्च भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के विभिन्न संस्थानों में करीब 35 प्रतिशत पद रिक्त पड़े हैं और संसद की एक समिति ने इस पर चिंता जताते हुए केंद्रीय कृषि मंत्रालय से इन्हें तत्काल भरने की सिफारिश की है।
कांग्रेस के लोकसभा सदस्य चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता वाली कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण संबंधी संसद की स्थायी समिति की 2025-26 की अनुदान संबंधी मांगों पर हाल में निचले सदन में पेश एक रिपोर्ट में खाद्य प्रसंस्करण विभाग के हवाले से बताया गया कि आईसीएआर के संस्थानों में स्वीकृत पदों की कुल संख्या 23,378 है।
रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से वैज्ञानिक, तकनीकी और प्रशासनिक श्रेणी के पद क्रमशः 6,586; 7,035 और 9,757 हैं।
रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘आईसीएआर में रिक्त पदों की कुल संख्या 8,182 है। इनमें से वैज्ञानिक, तकनीकी और प्रशासनिक श्रेणी के रिक्त पदों की संख्या क्रमशः 1,513; 2,605 और 4,064 हैं।’’
इसके मुताबिक वैज्ञानिक श्रेणी में 23 प्रतिशत, तकनीकी श्रेणी में 37 प्रतिशत और प्रशासनिक श्रेणी में करीब 41 प्रतिशत पद रिक्त हैं।
विभाग ने समिति को बताया कि आईसीएआर के संस्थानों में वैज्ञानिक श्रेणी के स्वीकृत पद 6,586 हैं जबकि इनमें से वर्तमान में 5,073 पद भरे हुए हैं और 1,513 पद रिक्त हैं।
विभाग ने समिति को यह भी बताया कि केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालयों (सीएयू) में कुल स्वीकृत पदों की संख्या 3,999 है और इनमें रिक्त पदों की कुल संख्या 1,756 है।
समिति ने जब विभाग से इसे बारे में पूछा कि बड़ी संख्या में पदों के रिक्त होने से क्या उसका कामकाज प्रभावित नहीं हो रहा है, तो विभाग की ओर से समिति को बताया गया कि इससे उसके कामकाज और वांछित परिणाम प्रभावित नहीं होते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक विभाग ने समिति से कहा, ‘‘क्योंकि उपलब्ध जनशक्ति के माध्यम से व्यवस्थाएं की जाती हैं और कार्य किया जाता है।’’
रिपोर्ट के मुताबिक समिति ने विभाग के इस तर्क से असहमति जताई कि रिक्तियों के कारण उसके कामकाज पर असर नहीं हो रहा है।
समिति ने अपनी सिफारिश में कहा, ‘‘भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के संस्थानों में सुचारू और अधिक सार्थक कामकाज के लिए खाली पड़े वैज्ञानिक, प्रशासनिक और तकनीकी पदों को जल्द से जल्द भरा जाए।’’
समिति की ओर से यह पूछे जाने पर कि क्या विभाग को रिक्तियों को भरने में किसी समस्या या चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, तो विभाग का जवाब ‘हां’ में था।
रिपोर्ट के मुताबिक विभाग ने कहा कि आईसीएआर को भर्ती में समस्या का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि अपनी ओर से नियुक्तियां करने में उसे काफी समय लगता है और प्रक्रिया को पूरा करने में पैसे भी लगते हैं।
विभाग ने समिति से कहा, ‘‘इसलिए, रिक्तियों को नियमित आधार पर भरा नहीं जा रहा है।’’
रिपोर्ट के मुताबिक पहले कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) अपनी भर्ती प्रक्रिया से सहायक, एलडीसी, स्टेनो आदि के पद के लिए उम्मीदवार मुहैया कराता था, जिसे अब बंद कर दिया गया है।
विभाग ने समिति से कहा, ‘‘इसलिए, भर्ती की प्रक्रिया आईसीएआर को पूरी करनी पड़ रही है और इसमें समय और पैसे लग जाते हैं जिसकी वजह से प्रक्रिया में देरी हो जाती है।’’
समिति को बताया गया कि इस समस्या के निवारण के लिए हाल ही में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) से संपर्क किया गया है और उससे कहा गया है कि वह एसएससी को आईसीएआर में भर्ती की प्रक्रिया सौंपे।
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