ताजा खबरें | गर्भपात विधेयक चर्चा दो अंतिम रास

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. माकपा की झरणा दास वैद्य ने विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग करते हुए कहा कि यह सही दिशा में कदम है लेकिन कई मुद्दों को हल करने में नाकाम रहा है।

माकपा की झरणा दास वैद्य ने विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग करते हुए कहा कि यह सही दिशा में कदम है लेकिन कई मुद्दों को हल करने में नाकाम रहा है।

शिवसेना सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि विधेयक की मंशा अच्छी है लेकिन कई विषयों पर गौर करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गर्भपात के लिए मेडिकल बोर्ड से अनुमति लेने की बात उचित नहीं है। देश में विशेषज्ञों की कमी होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि गोपनीयता के विषय को भी ध्यान में रखने की जरूरत है।

द्रमुक के पी विल्सन ने समस्या को लेकर समग्र विधेयक पेश करने की मांग की वहीं बसपा के अशोक सिद्धार्थ ने कहा कि विधेयक की प्रकृति प्रगतिशील है लेकिन नौकरशाही एवं सरकारी कामकाज में सुस्ती होती है। उन्होंने कहा कि यह भी गौर करना चाहिए कि भ्रूण हत्या को बढ़ावा नहीं मिले।

भाकपा के विनय विश्वम ने उपयोगी चर्चा के लिए विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ समान व्यवहार की जरूरत है।

आप के सुशील कुमार गुप्ता ने कहा कि विधेयक से समाज को काफी लाभ मिलने वाला है तथा दुष्कर्म पीडित बच्चियों को भी इससे अपने जीवन में कुछ राहत मिल सकेगी।

भाजपा की सीमा द्विवेदी ने कहा कि विधेयक तैयार करने से पहले व्यापक चर्चा की गयी है। उन्होंने विधेयक को उपयोगी बताते हुए कहा कि मेडिकल बोर्ड में महिला डॉक्टर को भी शामिल करने का प्रावधान है।

चर्चा में तेदेपा सदस्य के रवींद्रकुमार, मनोनीत नरेंद्र जाधव, जद (यू) आरसीपी सिंह, राकांपा की फौजिया खान, बीजद की ममता मोहंता ने भी भाग लिया।

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