देश की खबरें | ‘आप’ ने उपराज्यपाल पर कटाक्ष किया, कहा-केंद्र ने उन्हें दिल्ली सरकार के काम में दखल देने को भेजा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को दिल्ली के नए उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि केंद्र ने उन्हें केजरीवाल सरकार के कामकाज में दखल देने और कानून-व्यवस्था से दूर रहने के लिए भेजा है।
नयी दिल्ली, पांच जून आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को दिल्ली के नए उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि केंद्र ने उन्हें केजरीवाल सरकार के कामकाज में दखल देने और कानून-व्यवस्था से दूर रहने के लिए भेजा है।
‘आप’ विधायक आतिशी ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले उपराज्यपाल का कार्यभाल संभालने के बाद सक्सेना ने शहर में घटित कई जघन्य अपराधों पर सक्रिय रूप से कार्रवाई नहीं की, लेकिन वह दिल्ली सरकार के कामकाज में लगातार ‘हस्तक्षेप’ कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “शपथ ग्रहण के बाद सक्सेना ने कहा था कि वह वातानुकूलित कार्यालयों में बैठने वाले व्यक्ति नहीं हैं और जमीन पर ही रहेंगे। पिछले 10 दिनों में राष्ट्रीय राजधानी में कई जघन्य अपराध हो चुके हैं। 27 मई को संगम विहार में एक ऑटो रिक्शा चालक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। क्या वह संगम विहार थाने गए?”
आतिशी ने जोर बाग मेट्रो स्टेशन पर एक महिला के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार और एक पुलिस अधिकारी के एक महिला के साथ कथित विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि उपराज्यपाल (एलजी) ने इन मामलों में सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की।
‘आप’ विधायक ने कहा, “द्वारका के डीसीपी ने हाल ही में कैलाश कॉलोनी के एक रेस्तरां में एक महिला के साथ बदसलूकी की थी। क्या एलजी ने इस मुद्दे पर दिल्ली पुलिस के सभी अधिकारियों की बैठक बुलाई? ऐसा लगता है कि केंद्र ने उनसे कानून-व्यवस्था के मुद्दे से दूर रहने के लिए कहा है और केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के मामलों में दखल देने का आदेश दिया है।”
‘आप’ और उपराज्यपाल के बीच तनातनी पिछले बुधवार को उस समय शुरू हुई, जब पार्टी के कुछ विधायकों ने उन पर दिल्ली सरकार के कामकाज में दखल देने का आरोप लगाया।
शनिवार को ‘आप’ ने सक्सेना पर दोबारा सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप करने और लोकतंत्र को पटरी से उतारने की ‘साजिश’ रचने का आरोप लगाया था, क्योंकि उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड की दो सुविधाओं और एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा किया था, जिसे केजरीवाल सरकार ने उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया था।
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