ताजा खबरें | कार्यस्थगन नोटिस अस्वीकार होने के विरोध में आप, बीआरएस, शिवसेना का रास से वाकआउट

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा में बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप), शिवसेना के ठाकरे गुट और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के सदस्यों ने अपने अपने कार्य स्थगन नोटिस सभापति द्वारा अस्वीकार किए जाने के विरोध में सदन से बहिर्गमन किया।

नयी दिल्ली, आठ फरवरी राज्यसभा में बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप), शिवसेना के ठाकरे गुट और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के सदस्यों ने अपने अपने कार्य स्थगन नोटिस सभापति द्वारा अस्वीकार किए जाने के विरोध में सदन से बहिर्गमन किया।

उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति जगदीप धनखड़ ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। उन्होंने सदन को सूचित किया कि उन्हें आप सदस्य संजय सिंह, शिवसेना के संजय राउत और प्रियंका चतुर्वेदी तथा बीआरएस सदस्य के केशव राव ने नियम 267 के तहत नोटिस दिए हैं।

उन्होंने बताया कि ये नोटिस नियत कामकाज निलंबित कर अपने अपने मुद्दों पर चर्चा के लिए दिए गए हैं लेकिन आसन द्वारा दी गई व्यवस्था के अनुरूप न होने की वजह से उन्होंने ये नोटिस अस्वीकार कर दिए हैं।

धनखड़ ने कहा ‘‘मैंने इन नोटिस का गहन अध्ययन किया। चारों नोटिस व्यवस्था के अनुरूप नहीं पाए गए जिसके बाद मैंने इन्हें अस्वीकार कर दिया।’’

सभापति ने मंगलवार को कुछ विपक्षी सदस्यों द्वारा सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि सदन में व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए और चर्चा की जानी चाहिए।

इस पर बीआरएस सदस्य के केशव राव ने आपत्ति जताई। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सदन में महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस पर सभापति ने कहा कि वह (राव) जिस तरह आक्रामक मुद्रा में हैं, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। ‘‘मैंने कल जो कहा, शायद आपने उस पर गौर नहीं किया।’’

राव से उनकी सीट पर बैठने का अनुरोध करते हुए धनखड़ ने कहा कि यह सदन में कामकाज का तरीका नहीं है। उन्होंने कहा ‘‘मैंने जो कुछ भी कहा, वह रिकॉर्ड पर है। आप नियम भी देख सकते हैं। यह तरीका नहीं है। मैंने अपनी भावनाएं जाहिर की हैं और यह लाखों लोगों की भावनाएं हैं।’’

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव का बहिष्कार कर, पहली बार ‘‘गलत इतिहास’’ बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा ‘‘हम जनता को बहुत गलत संकेत दे रहे हैं। उनकी सहनशक्ति जवाब दे रही है। हर दिन सुबह लोग देखते हैं कि एक रणनीति के तहत सदन में अव्यवस्था बनाई जाती है।’’

आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने भी अपने नोटिस का जिक्र करते हुए कहा कि अडाणी समूह से जुड़ा मुद्दा महत्वपूर्ण है और इस पर चर्चा की जानी चाहिए।

सभापति ने उन्हें अनुमति नहीं दी और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सदन में आज शून्यकाल तथा प्रश्नकाल नहीं होगा और भोजनावकाश के बिना, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा को आगे बढ़ाया जाएगा।

इस पर विरोध जताते हुए कुछ विपक्षी सदस्यों ने सदन में नारेबाजी की। फिर आम आदमी पार्टी, बीआरएस और शिवसेना के उद्धव ठाकरे नीत गुट के सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गये।

बाद में इन सदस्यों ने संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया।

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