देश की खबरें | एल्डरमैन विवाद को लेकर आप और भाजपा ने किया विरोध प्रदर्शन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पिछले हफ्ते एमसीडी में मनोनीत सदस्यों (एल्डरमैन) को शपथ दिलाने के मुद्दे पर लगातार सड़कों पर उतरकर एक-दूसरे का विरोध रही हैं। इस विवाद को लेकर सोमवार को भी दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया।

नयी दिल्ली, नौ जनवरी आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पिछले हफ्ते एमसीडी में मनोनीत सदस्यों (एल्डरमैन) को शपथ दिलाने के मुद्दे पर लगातार सड़कों पर उतरकर एक-दूसरे का विरोध रही हैं। इस विवाद को लेकर सोमवार को भी दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया।

भाजपा की दिल्ली इकाई ने पिछले शुक्रवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में ‘आप’ पार्षदों के द्वारा भाजपा पार्षदों पर कथित तौर पर हमला किए जाने को लेकर सिविल लाइंस में स्थित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के निकट विरोध प्रदर्शन किया।

‘आप’ ने उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना द्वारा ‘एल्डरमेन’ की नियुक्ति किए जाने को लेकर शनिवार को उनके आवास के बाहर धरना दिया था और उन पर एमसीडी की स्थायी समिति व क्षेत्रीय समितियों पर नियंत्रण हासिल करने में भाजपा की मदद करने का आरोप लगाया था।

केजरीवाल के आ‍वास के पास प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए दिल्ली भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेव ने कहा, “छह जनवरी को एमसीडी सदन में जो हुआ वह बेहद शर्मनाक था। आप पार्षदों ने महिलाओं सहित भाजपा पार्षदों पर हमला किया। हम उनकी गुंडागर्दी का जवाब देने के लिए तैयार हैं।”

उन्होंने कहा कि जब तक केजरीवाल अपने पार्षदों की 'गुंडागर्दी' के लिए माफी नहीं मांगते, तब तक पार्टी शांत नहीं बैठेगी।

पुलिस ने सोमवार को सचदेव, सांसद प्रवेश वर्मा, राज्य महासचिवों हर्ष मल्होत्रा ​​और दिनेश प्रताप सिंह, और प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया, जिन्होंने मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले रास्ते में चंदगी राम अखाड़े पर एक पुलिस अवरोधक को फांदने की कोशिश की थी।

पार्टी ने कहा कि बाद में पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।

दूसरी ओर, मंत्री राज कुमार आनंद और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता व विधायक सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में ‘आप’ के कार्यकर्ताओं ने आईटीओ स्थित भाजपा मुख्यालय के पास विरोध प्रदर्शन किया।

भारद्वाज ने कहा, “भाजपा और उपराज्यपाल ने महापौर के चुनाव में वोट देने का अधिकार नहीं होने के बावजूद एल्डरमैन से वोट दिलाने की कोशिश करके संविधान की हत्या की है।”

उन्होंने कहा, “उपराज्यपाल को एक निष्पक्ष अंपायर के रूप में काम करना चाहिए लेकिन जब अंपायर बेईमानी से टीम में शामिल हो जाता है, तो विरोध ही एकमात्र विकल्प बचता है।”

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