प्रवासियों की हालत के लिए आप और भाजपा ने एक दूसरे पर दोष मढ़ा

आप के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भाजपा पर प्रवासी मजदूरों की वर्तमान स्थिति से बेनकाब होने का आरोप लगाते हुए एक बयान में कहा, ‘‘ भाजपा देशभर में बड़े पैमाने पर हो रहे गरीबों के पलायन से अपनी आंखें फेर चुकी है। ये गरीब प्रवासी मजदूर भूख, गरीबी और बेरोजगारी की वजह से गहरे सदमे और दुख में हैं।’’

जमात

नयी दिल्ली, 18 मई कोविड-19 का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के चलते बड़ी संख्या में अपने गृह राज्यों को लौट रहे मजदूरों की हालत के लिए सोमवार को दिल्ली में सत्तारूढ़ आप और विपक्षी भाजपा ने एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया।

आप के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भाजपा पर प्रवासी मजदूरों की वर्तमान स्थिति से बेनकाब होने का आरोप लगाते हुए एक बयान में कहा, ‘‘ भाजपा देशभर में बड़े पैमाने पर हो रहे गरीबों के पलायन से अपनी आंखें फेर चुकी है। ये गरीब प्रवासी मजदूर भूख, गरीबी और बेरोजगारी की वजह से गहरे सदमे और दुख में हैं।’’

सिंह ने दावा किया कि इस मुद्दे को हल करने का एकमात्र तरीका अधिक से अधिक ट्रेनें चलाना है, भारतीय रेलवे रोजाना 2,30,00,000 लोगों को पहुंचा सकती है लेकिन भाजपा सरकार को इसे लेकर बिल्कुल गंभीर नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा सरकार अन्य देशों में फंसे लोगों को लक्जरी उड़ान की सुविधा दे सकती हैं लेकिन वे इन गरीब लोगों के लिए ट्रेनों या बसों का इंतजाम नहीं कर सकते।’’

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रामवीर बिधूड़ी ने दिल्ली से बड़े पैमाने पर प्रवासी श्रमिकों के पलायन के लिए आप सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए दावा किया, ‘‘ दिल्ली सरकार गरीबों को राशन नहीं दे सकी। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने स्वयं ही कहा कि केंद्र द्वारा अप्रैल के लिए जारी किये गये राशन का महज एक प्रतिशत हिस्सा ही दिल्ली सरकार गरीब लोगों में बांट पायी।’’

बिधूड़ी ने दिल्ली की आप सरकार पर प्रवासी मजदूरों के वास्ते अपने गृह राज्यों को जाने के लिए परिवहन का इंतजाम करने में विफल रहने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने प्रवासियों के लिए ट्रेनें चलाने की लागत के 85 फीसद हिस्से का भुगतान किया जबकि बाकी 15 फीसद हिस्से का बोझ संबंधित राज्यों ने उठाया।

उन्होंने कहा, ‘‘ दिल्ली सरकार प्रवासी श्रमिकों को भेजने में पूरी तरह विफल रही है। प्रवासी मजदूरों के पंजीकरण के लिए उसकी वेबसाइट बंद हो गयी है, फलस्वरूप वे पैदल ही अपने गृह राज्य जाने को विवश हो गये।

भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी कोरोना वायरस महामारी को नियंत्रित करने में विफल रही है जो बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों के अपने घरों के लिए रवाना होने की वजहों में एक वजह है।

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