देश की खबरें | प्रजापति की संलिप्तता वाले कथित गैंगरेप मामले में एक गवाह ने सीबीआई या एनआईए से जांच का अनुरोध किया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 25 सितंबर उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की संलिप्तता वाले कथित बलात्कार के मामले में एक गवाह ने उच्चतम न्यायालय का रुख करके इसकी जांच सीबीआई या एनआईए जैसी किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का अनुरोध किया है।

साथ ही, गवाह ने मामले को उत्तर प्रदेश के बाहर स्थानांतरित करने का भी अनुरोध किया है।

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याचिकाकर्ता एवं प्रजापति के खिलाफ कथित सामूहिक बलात्कार एवं ‘पॉक्सो’ (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) मामले में एक मुख्य गवाह अंशु गौड़ ने दावा किया है कि उनकी गिरफ्तारी के बाद भी गवाहों को डराने-धमकाने की कोशिशें नहीं रूकी हैं।

अधिवक्ता महमूद प्राचा के मार्फत दायर याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता खुद के लिये और अन्य पीड़ितों के लिये संरक्षण की गुहार लगाते हुए उत्तर प्रदेश में दर-दर भटक रहा है।

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इसमें कहा गया है कि चूंकि पीड़ित अपनी दयनीय स्थिति के कारण न्याय की लड़ाई बीच में छोड़ने के कगार पर पहुंच गये हैं। एक ओर जहां उन्हें अत्यधिक बल प्रयोग वाले हथकंडों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रलोभन भी दिया जा रहा।

याचिका में कहा गया है कि मामले की सुनवाई किसी निष्पक्ष स्थान पर होनी चाहिए जहां अदालत बगैर भय, दबाव के काम सुनवाई कर सके। साथ ही, गवाह तथा अन्य संबद्ध पक्ष खुल कर गवाही दे सकें।

याचिका में यह अनुरोध किया गया है कि यह निर्देश दिया जाए कि नाबालिग पीड़िता को पर्याप्त मेडिकल उपचार एवं देखभाल मुहैया की जाए, जिसमें मनोचिकित्सीय परामर्श भी शामिल है।

प्रजापति 15 मार्च, 2017 से जेल में है और फिलहाल विभिन्न बीमारियों को लेकर उनका केजीएमयू,लखनऊ में इलाज चल रहा।

सामूहिक बलात्कार का मामला गौतमपाली पुलिस थाने में 2017 में दर्ज किया गया था और बाद में प्रजापति को गिरफ्तार करके 15 मार्च 2017 को जेल भेज दिया गया था।

सुभाष अमित

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