देश की खबरें | पीएफआई पर कार्रवाई उपयुक्त कदम, समूह के ‘ट्रैक रिकार्ड’ पर आधारित : इंद्रेश कुमार

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नयी दिल्ली, 23 सितंबर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने पीएफआई के खिलाफ एनआईए की अगुवाई में की गई कार्रवाई को शुक्रवार को ‘उपयुक्त कदम’ करार दिया तथा इस इस्लामिक समूह द्वारा केरल में हड़ताल का आयोजन करने पर आपत्ति व्यक्त की ।

उन्होंने कहा कि अतीत में संघ पर भी प्रतिबंध लगाया गया लेकिन उसने कभी हिंसा का मार्ग नहीं अपनाया ।

आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक ने कहा कि पॉपुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) को उसके ‘ट्रैक रिकार्ड’ के आधार पर कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है जिसके बारे में केंद्र सरकार समय समय पर जानकारी एकत्र करती है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई को लेकर हिंसक प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि उस समूह का देश के संविधान और शांति में कोई भरोसा नहीं है।

पीएफआई ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) और अन्य एजेंसियों द्वारा अपने कार्यालयों, अपने नेताओं के आवासों पर छापे मारे जाने और लोगों को गिरफ्तार किये जाने के विरोध में शुक्रवार को हड़ताल बुलाई है। पीएफआई द्वारा आहूत हड़ताल के दौरान राज्य के अनेक हिस्सों में छिटपुट हिंसा की खबरें हैं।

इस बारे में पूछे जाने पर इंद्रेश कुमार ने कहा, ‘‘ सरकारों ने संघ (आरएसएस) पर 1948, 1975 और 1992 में प्रतिबंध लगाया था। लेकिन संघ ने इसके खिलाफ हिंसक आंदोलन या हिंसा का मार्ग नहीं अपनाया था । उसने (संघ) शांतिपूर्ण, संवैधानिक और कानूनी तरीके से विरोध किया और जीती । सरकार गलत साबित हुई।’’

उन्होंने कहा कि ऐसे में अगर वे (पीएफआई) हिंसा का मार्ग अपनाते हैं, तब इससे साबित होता है कि उनका शांति, संविधान और भारत की अखंडता में विश्वास नहीं है।

तीन मूर्ति चौक पर 104वें हाइफा विजय दिवस समारोह से इतर कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि पीएफआई के खिलाफ कार्रवाई ‘उपयुक्त कदम’ है और यह उस समूह के ‘ट्रैक रिकार्ड’ पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि पीएफआई, कश्मीर के आतंकवादियों और छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई हमेशा उपयुक्त है।

दीपक

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