जरुरी जानकारी | अप्रैल में ईपीएफओ से शुद्ध रूप से रिकॉर्ड 18.92 लाख सदस्य जुड़े

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सेवानिवृत्ति कोष निकाय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से अप्रैल महीने में शुद्ध रूप से रिकॉर्ड 18.92 लाख सदस्य जुड़े। एक आधिकारिक बयान में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई।

नयी दिल्ली, 20 जून सेवानिवृत्ति कोष निकाय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से अप्रैल महीने में शुद्ध रूप से रिकॉर्ड 18.92 लाख सदस्य जुड़े। एक आधिकारिक बयान में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई।

श्रम मंत्रालय ने बयान में कहा कि अप्रैल, 2018 में ईपीएफओ की तरफ से संबद्ध कर्मचारियों का आंकड़ा पहली बार जारी किए जाने के बाद से यह एक महीने में शुद्ध रूप से जुड़े सदस्यों की सर्वाधिक संख्या है।

बयान के मुताबिक, इस साल मार्च की तुलना में अप्रैल के महीने में शुद्ध रूप से जुड़े सदस्यों की संख्या में 31.29 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अप्रैल महीने में शुद्ध रूप से 18.92 लाख सदस्य अपने साथ जोड़े। यह अप्रैल, 2023 की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है।

बयान के मुताबिक, सदस्यता में इस वृद्धि के लिए विभिन्न कारक जिम्मेदार रहे जिनमें रोजगार अवसरों में वृद्धि, कर्मचारी लाभ के बारे में बढ़ती जागरूकता और ईपीएफओ के संपर्क कार्यक्रमों का प्रभाव शामिल है।

आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल के महीने में लगभग 8.87 लाख नए सदस्य नामांकित हुए हैं।

ईपीएफओ से जुड़ने वाले कर्मचारियों में 18-25 आयु वर्ग का दबदबा दिखाई देता है। अप्रैल में जोड़े गए कुल नए सदस्यों में इस आयु वर्ग की हिस्सेदारी 55.50 प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि संगठित कार्यबल में शामिल होने वाले अधिकांश व्यक्ति युवा हैं और पहली बार नौकरी करने वाले हैं।

यह आंकड़ा बताता है कि लगभग 14.53 लाख सदस्य ईपीएफओ से अलग हुए औऱ फिर दोबारा इसका हिस्सा बने। दरअसल इन सदस्यों ने अपनी नौकरी बदली और ईपीएफओ के दायरे में आने वाले प्रतिष्ठानों में फिर से शामिल हो गए।

पेरोल आंकड़ों के लिंग-आधारित विश्लेषण से पता चलता है कि 8.87 लाख नए सदस्यों में से लगभग 2.49 लाख नई महिला सदस्य हैं। साथ ही अप्रैल में शुद्ध महिला सदस्य जुड़ाव लगभग 3.91 लाख रहा, जो मार्च की तुलना में लगभग 35.06 प्रतिशत अधिक है।

शुद्ध रूप से जुड़ने वाले सदस्य महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और हरियाणा में सबसे अधिक हैं। इन राज्यों में शुद्ध सदस्य जुड़ाव का लगभग 58.30 प्रतिशत हिस्सा है। सभी राज्यों में महाराष्ट्र इस महीने 20.42 प्रतिशत शुद्ध सदस्य जोड़कर सबसे आगे रहा।

वहीं, उद्योग-आधारित आंकड़े विशेषज्ञ सेवाओं, व्यापार, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों जैसे उद्योगों में लगे प्रतिष्ठानों में काम करने वाले सदस्यों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाते हैं। कुल शुद्ध सदस्यता में से, 41.41 प्रतिशत वृद्धि विशेषज्ञ सेवाओं (मानव शक्ति आपूर्तिकर्ताओं, सामान्य ठेकेदारों, सुरक्षा सेवाओं, विविध गतिविधियों आदि से) से है।

ईपीएफओ अप्रैल, 2018 से ही अपने दायरे में आने वाली इकाइयों से जुड़ने वाले कर्मचारियों का मासिक पेरोल आंकड़ा जारी करता है।

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