देश की खबरें | टीम योगी में 31 नये चेहरे शामिल कर युवा और अनुभवी नेताओं के बीच साधा संतुलन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की दूसरी सरकार के मंत्रिमंडल में 31 नये चेहरों को शामिल किया गया है, जबकि पिछली सरकार की टीम में से 21 को दोबारा जगह दी गयी है। वर्ष 2024 के आम चुनाव के मददेनजर नये मंत्रिमंडल में अनुभवी और युवा नेताओं के बीच संतुलन साधा गया है।
लखनऊ, 26 मार्च उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की दूसरी सरकार के मंत्रिमंडल में 31 नये चेहरों को शामिल किया गया है, जबकि पिछली सरकार की टीम में से 21 को दोबारा जगह दी गयी है। वर्ष 2024 के आम चुनाव के मददेनजर नये मंत्रिमंडल में अनुभवी और युवा नेताओं के बीच संतुलन साधा गया है।
योगी की दूसरी सरकार की संरचना में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश पर अपनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए जातिगत समीकरण और क्षेत्रों के बीच एक अच्छा संतुलन है।
उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीट हैं। योगी सरकार के 52 सदस्यीय मंत्रिपरिषद में से 36 मंत्रियों की उम्र 40-60 के बीच है, जबकि दो की उम्र 40 से कम है और 12 की उम्र 60 साल से अधिक है।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना, बरेली से तीसरी बार विधायक हैं, 73 साल के सबसे बड़े हैं, जबकि उसी रैंक के उनके सहयोगी संदीप सिंह, अनुभवी भाजपा नेता कल्याण सिंह के पोते 31 साल के सबसे छोटे हैं।
उप्र के नये मंत्रिमंडल में कई मंत्री स्नातक और स्नातकोत्तर हैं, जबकि कुछ ऐसे हैं जिन्होंने केवल कक्षा आठ तक पढ़ाई की है। नई टीम में चुनावी रूप से प्रभावशाली अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 19 मंत्री, ठाकुर और ब्राह्मण सात-सात, दलित (8), वैश्य (4) के अलावा एक मुस्लिम और एक सिख भी हैं।
शुक्रवार को शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची से पता चलता है कि भौगोलिक प्रतिनिधित्व के लिए, इस बार पश्चिमी उप्र से 23 मंत्री हैं, जो पिछले मंत्रिमंडल से 12 अधिक हैं । इस बार पूर्वी उप्र से 14 मंत्री हं जो पिछली सरकार से तीन कम है ।
राज्य के मध्य भाग से 12 मंत्री बनाये गये हैं जो कि पिछली बार से एक कम है। उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा इस बार मंत्रिमंडल में स्थान न पाने वाले सरकार के नौ कैबिनेट मंत्रियों में शामिल हैं। अन्य जिन्हें नए मंत्रालय में जगह नहीं मिली, वे हैं-सतीश महाना, रमापति शास्त्री, जय प्रताप शाही,सिद्धार्थ नाथ सिंह और श्रीकांत शर्मा।
कैबिनेट मंत्री के रूप में बेबी रानी मौर्य, जयवीर सिंह, आईएएस से राजनेता बने एके शर्मा, राकेश सचान के अलावा सहयोगी दलों के दो-अपना दल (सोनेलाल) के आशीष पटेल और निषाद पार्टी के संजय निषाद शामिल किये गये हैं ।
राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) में नए चेहरों में असीम अरुण शामिल हैं, जिन्होंने राजनीति में शामिल होने के लिए आईपीएस अधिकारी का पद छोड़ दिया था। इसके अलावा अपनी पत्नी स्वाति सिंह (पूर्व मंत्री) के साथ विवाद के कारण सुर्खियों में रहे दया शंकर सिंह भी शामिल हैं।
मंत्रियों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि पर एक नजर डालने से पता चलता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद स्नातक हैं, उनके दो उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक भी स्नातक हैं। एके शर्मा, जितिन प्रसाद, अनिल राजभर, राकेश सचान और योगेंद्र उपाध्याय के पास स्नातकोत्तर डिग्री है।
नंद गोपाल नंदी, संजय निषाद और जयवीर सिंह इंटरमीडिएट पास हैं। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) में जेपीएस राठौर एमटेक हैं जबकि धर्मवीर प्रजापति आठवीं पास हैं।
राज्य मंत्री में सोमेंद्र एस तोमर ने पीएचडी की है जबकि दिनेश खटीक और राकेश राठौर ने आठवीं तक पढ़ाई की है। नई कैबिनेट में बेबी रानी मौर्य समेत पांच महिलाएं हैं। इसके अलावा दानिश आजाद अंसारी के रूप में एक मुस्लिम और बलदेव सिंह औलख के रूप में एक सिख मंत्री है, दोनों राज्य मंत्री हैं।
संजय जफर
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 26, 2022 03:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

