एजेंसी न्यूज

Nikah-Halala: बहुविवाह, ‘निकाह-हलाला’ के खिलाफ कोर्ट में होगी सुनवाई, पांच-सदस्यीय पीठ का होगा गठन

उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह मुसलमानों में बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए पांच न्यायाधीशों की नयी संविधान पीठ का गठन करेगा.

Nikah-Halala: बहुविवाह, ‘निकाह-हलाला’ के खिलाफ कोर्ट में होगी सुनवाई, पांच-सदस्यीय पीठ का होगा गठन
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

नयी दिल्ली, 24 नवंबर : उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह मुसलमानों में बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ (Nikah-Halala) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए पांच न्यायाधीशों की नयी संविधान पीठ का गठन करेगा. इस मुद्दे पर एक जनहित याचिका दायर करने वाले वकील अश्विनी उपाध्याय ने प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति जे. बी. पर्दीवाला की पीठ से अनुरोध किया था कि इस मामले में संविधान पीठ को नये सिरे से गठित करने की आवश्यकता है, क्योंकि पिछली संविधान पीठ के दो न्यायाधीश- न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता- सेवानिवृत्त हो चुके हैं.

इस पर न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, ‘‘हम एक नयी पीठ का गठन करेंगे." पिछली संविधान पीठ ने 30 अगस्त को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) को जनहित याचिकाओं में पक्षकार बनाया था और उनसे जवाब मांगा था. तत्कालीन संविधान पीठ की अध्यक्षता न्यायमूर्ति बनर्जी कर रही थीं और न्यायमूर्ति गुप्ता, न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया इसमें शामिल थे. हालांकि न्यायमूर्ति बनर्जी और न्यायमूर्ति गुप्ता इस साल क्रमशः 23 सितंबर और 16 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो गये, जिससे बहुविवाह और 'निकाह हलाला' की प्रथाओं के खिलाफ आठ याचिकाओं पर सुनवाई के लिए संविधान पीठ के पुनर्गठन की आवश्यकता हुई. यह भी पढ़ें : Delhi के Restaurants में बालकनी या छत पर खुली हवा में खा सकेंगे खाना, 200 रेस्तरां को मिला लाइसेंस

उपाध्याय ने अपनी जनहित याचिका में बहुविवाह और 'निकाह हलाला' को असंवैधानिक और अवैध घोषित करने का निर्देश देने का आग्रह किया है. शीर्ष अदालत ने जुलाई 2018 में उनकी याचिका पर विचार किया था और इस मामले को संविधान पीठ के पास भेज दिया था जो पहले से ही ऐसी ही याचिकाओं की सुनवाई कर रही थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 24, 2022 05:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).