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Maharashtra Free Saree Scheme: महाराष्ट्र में लाडकी बहनों को बड़ा झटका, राशन कार्ड धारक परिवारों की महिलाओं के लिए मुफ्त साड़ी योजना बंद; विपक्ष ने घेरा; VIDEO

महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी खजाने पर बढ़ते आर्थिक बोझ का हवाला देते हुए अंत्योदय राशन कार्ड धारक परिवारों के लिए चलाई जा रही 'मोफत साडी योजना' (कैप्टिव मार्केट योजना) को पूरी तरह से बंद कर दिया है.

Maharashtra Free Saree Scheme: महाराष्ट्र में लाडकी बहनों को बड़ा झटका, राशन कार्ड धारक परिवारों की महिलाओं के लिए मुफ्त साड़ी योजना बंद; विपक्ष ने घेरा; VIDEO
CM-Devendra_Fadnavis

 Maharashtra Free Saree Scheme: महाराष्ट्र में महायुति सरकार ने सरकारी खजाने पर बढ़ते भारी वित्तीय दबाव को देखते हुए एक और बड़ी जनकल्याणकारी योजना पर रोक लगा दी है. राज्य सरकार ने अंत्योदय शिधापत्रिका (राशन कार्ड) धारक परिवारों की महिलाओं के लिए चलाई जा रही 'कैप्टिव मार्केट योजना' (मोफत साडी योजना) को आगामी वित्तीय वर्ष से पूरी तरह बंद करने का आधिकारिक निर्णय लिया है. वस्त्रोद्योग (Textile) विभाग द्वारा इस संबंध में शासनादेश (GR) भी जारी कर दिया गया है. इस फैसले से राज्य के करीब 25 लाख गरीब परिवारों को मिलने वाला यह लाभ अब बंद हो जाएगा.

बढ़ते वित्तीय बोझ के कारण विभाग ने लिया फैसला

वस्त्रोद्योग विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य में कई तरह की जनकल्याणकारी योजनाएं पहले से ही चल रही हैं. बढ़ते प्रशासनिक खर्चों और अन्य अनिवार्य वित्तीय देनदारियों के कारण इस मुफ्त साड़ी वितरण योजना को आगे जारी रखना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं रह गया है. यह भी पढ़े:  Ladki Bahin Yojana Update: लाडकी बहन योजना पर बड़ा अपडेट, 12 से 15 जून के बीच आ सकती है मई महीने की किस्त! 

सरकार के इस कदम को हाल ही में विभिन्न योजनाओं में की जा रही कटौती और मानदंडों को कड़ा करने की कोशिशों के रूप में देखा जा रहा है. हाल ही में सरकार ने 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' की जांच के दौरान भी लाखों अपात्र नामों को सूची से हटाया था.

साल 2023 में शुरू हुई थी महत्वाकांक्षी योजना

इस योजना की शुरुआत तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यकाल के दौरान जून 2023 में 'एकीकृत एवं सतत वस्त्रोद्योग नीति 2023-28' के तहत की गई थी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य हर साल दिवाली के त्योहार पर गरीब परिवारों की महिलाओं को एक मुफ्त साड़ी भेंट करना था.

इसके साथ ही, इसका एक बड़ा मकसद महाराष्ट्र के पावरलूम (यंत्रमाग) क्षेत्र और बुनकरों को एक सुनिश्चित बाजार (कैप्टिव मार्केट) उपलब्ध कराना था. योजना के तहत साल 2023, 2024 और 2025 में लगातार तीन वर्षों तक साड़ियों का सफलतापूर्वक वितरण किया गया था.

हर साल खर्च हो रहे थे 100 करोड़ रुपये

इस योजना के सुचारू संचालन के लिए राज्य सरकार हर साल बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान करती थी. इन साड़ियों की खरीद सीधे सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और महाराष्ट्र राज्य पावरलूम कॉर्पोरेशन से की जाती थी.

योजना के बंद होने से न केवल गरीब परिवारों को मिलने वाली त्योहार सहायता समाप्त हो गई है, बल्कि स्थानीय बुनकरों के सामने भी आजीविका का संकट खड़ा होने की आशंका है.

विपक्ष ने सरकार को घेरा

इस फैसले के सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. विपक्षी दलों ने सरकार पर चौतरफा हमला बोलते हुए कहा है कि चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाली सरकार अब वित्तीय तंगी का बहाना बनाकर गरीबों के हक की योजनाओं को बंद कर रही है. विपक्ष ने चेतावनी दी है कि जनता आने वाले समय में इसका करारा जवाब देगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 18, 2026 11:06 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).