देश की खबरें | लोक सेवकों के कर्तव्य निर्वहन में बाधा डालने के आरोप में राकांपा(एसपी) विधायक रोहित पवार के खिलाफ मामला दर्ज
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मुंबई पुलिस ने एक पुलिसकर्मी पर चिल्लाने और लोक सेवकों के कर्तव्य निर्वहन में बाधा डालने के आरोप में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
मुंबई, 20 जुलाई मुंबई पुलिस ने एक पुलिसकर्मी पर चिल्लाने और लोक सेवकों के कर्तव्य निर्वहन में बाधा डालने के आरोप में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
राकांपा (एसपी) के प्रमुख शरद पवार के पोते रोहित पवार की शुक्रवार को मुंबई के आजाद मैदान पुलिस थाने में एक पुलिसकर्मी के साथ तीखी बहस हो गई।
यह घटना उस वक्त हुई, जब रोहित पवार, राकांपा (एसपी) के विधायक जितेंद्र आव्हाड के साथ पार्टी के एक घायल कार्यकर्ता से मिलने आजाद मैदान पुलिस थाने गए थे। महाराष्ट्र विधान भवन में बृहस्पतिवार को आव्हाड और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक गोपीचंद पडलकर के समर्थकों के बीच झड़प हो गई थी।
इस झड़प के बाद दोनों समूहों के सदस्यों को विधान भवन के अंदर हिरासत में लिया गया और अंततः पुलिस को सौंप दिया गया।
पुलिस थाने में रोहित पवार को एक उप-निरीक्षक पर मराठी में कथित तौर पर चिल्लाते हुए देखा गया। रोहित पवार ने उप-निरीक्षक से कहा, ‘‘आवाज नीची रखो, आवाज नीची रखो। अगर हाथ उठाया तो सबक सिखा दूंगा।’’
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर रोहित पवार के खिलाफ लोक सेवकों के कर्तव्य निर्वहन में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है।
इस बीच, उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने रोहित पवार के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कुछ नेताओं के इस तरह के आचरण से सभी जनप्रतिनिधियों की छवि खराब होती है।
पुणे में संवाददाताओं ने जब उनके भतीजे रोहित पवार के वायरल वीडियो के बारे में पूछा तो अजित पवार ने कहा, ‘‘कई लोग और यहां तक कि पत्रकार भी कह रहे हैं कि वे (विधायक) खुद को बहुत चालाक समझने लगे हैं और सोचते हैं कि वे कानून से ऊपर हैं। जब कुछ जनप्रतिनिधि गलत व्यवहार करते हैं, तो इसके लिए सभी को दोषी ठहराया जाता है।’’
इससे पहले दिन में, पुणे के प्रभारी मंत्री ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता की।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘किसी भी जनप्रतिनिधि को, यहां तक कि मुझे भी इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए। हमें सुसंस्कृत महाराष्ट्र की परंपरा के अनुसार, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा स्थापित संविधान और कानून के शासन, तथा स्वर्गीय यशवंतराव चव्हाण की शिक्षाओं को ध्यान में रखते हुए कार्य करना चाहिए।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 20, 2025 11:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

