देश की खबरें | गोंडा में मनाया गया अमर शहीद राजेंद्र नाथ लाहिड़ी का 96वां बलिदान दिवस
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. काकोरी ट्रेन एक्शन के अमर नायक शहीद राजेंद्र नाथ लाहिड़ी का 96वां बलिदान दिवस जिले में श्रद्धा एवं भक्ति भाव से मनाया गया। इस अवसर पर जिला कारागार में आर्य समाज द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ हवन-पूजन एवं शांति पाठ किया गया।
लखनऊ/गोंडा, 17 दिसंबर काकोरी ट्रेन एक्शन के अमर नायक शहीद राजेंद्र नाथ लाहिड़ी का 96वां बलिदान दिवस जिले में श्रद्धा एवं भक्ति भाव से मनाया गया। इस अवसर पर जिला कारागार में आर्य समाज द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ हवन-पूजन एवं शांति पाठ किया गया।
प्रभारी जिला जज पूजा सिंह और जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार की अगुवाई में जिले के न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों ने हवन किया। अमर शहीद लाहिड़ी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के उपरान्त लाहिड़ी को सलामी दी गई और राष्ट्रगान की धुन बजाई गई।
प्रभारी जिला जज ने कहा कि लाहिड़ी जैसे व्यक्तित्व और सच्चे राष्ट्र भक्तों के बलिदान के कारण ही हम भारतीय आज आजाद भारत में सांस ले पा रहे हैं। उन्होने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि हम सबको निस्वार्थ भाव से राष्ट्र सेवा का संकल्प लेना चाहिए और आजादी के दीवानों के सपनों का भारत बनाने में अपना योगदान करना चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि देश को गुलामी की दास्तां से मुक्ति दिलाने के लिए 26 वर्ष की उम्र में अपने देश के लिए फांसी के फंदे को हंसते हुए चूमने वाले अमर शहीद लाहिड़ी जी का सम्पूर्ण जीवन प्रेरणा से भरा हुआ है। इस अवसर पर आंबेडकर चौराहे से तिरंगा रैली निकाली गई जो कार्यक्रम स्थल पर आकर समाप्त हुई।
जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने बताया कि उप्र शासन के निर्देश पर काकोरी ट्रेन एक्शन की श्रृंखला पर आधारित पांच दिन का कार्यक्रम बृहस्पतिवार से शुरू हुआ है, जो 19 दिसंबर को समाप्त होगा।
यहां गोंडा जेल में 17 दिसंबर 1927 को अपनी फांसी से कुछ समय पूर्व तत्कालीन जेलर से अपनी भावना व्यक्त करते हुए लाहिड़ी ने कहा था ‘मुझे विश्वास है कि मेरा बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। मैं हिन्दू होने के नाते पुनर्जन्म में आस्था रखता हूं। इसलिए मैं मरने नहीं, वरन् आजाद भारत में फिर से जन्म लेने के लिए जा रहा हूं।’
गोंडा जिला जेल में बिताए गए राजेंद्र नाथ लाहिड़ी के आखिरी दिनों पर प्रकाश डालते हुए, वर्तमान डिप्टी जेलर शरेंदु कुमार त्रिपाठी ने 'पीटीआई-' को बताया कि राजेंद्र नाथ लाहिड़ी को साथी क्रांतिकारियों अशफाक उल्ला खान, राम प्रसाद बिस्मिल और ठाकुर रोशन सिंह के साथ मौत की सजा सुनाई गई थी।
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