अगरतला, 16 फरवरी त्रिपुरा में 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए बृहस्पतिवार को शाम चार बजे तक 81 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। यह जानकारी निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।
राज्य के लिए विधानसभा चुनाव एक चरण में कराये जा रहे हैं।
अधिकारी ने कहा कि मतदान प्रतिशत में अभी वृद्धि होगी क्योंकि लगभग 50,000 मतदाता अभी भी अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान केंद्रों पर कतारों में खड़े हैं।
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी यू जे मोग ने कहा, ‘‘शाम चार बजे तक सभी 60 विधानसभा क्षेत्रों में औसतन 81.11 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जबकि आखिरी सूचना मिलने तक करीब 50,000 मतदाता कतारों में खड़े थे।’’
उन्होंने कहा कि जो मतदाता कतार में हैं और शाम 4 बजे तक टोकन ले चुके हैं, उन्हें शाम 6 बजे या उसके बाद भी वोट डालने की अनुमति दी जाएगी।
2018 के विधानसभा चुनाव में मतदान निर्धारित समय से आगे रात 9.30 बजे तक जारी रहा था और कुल 79 प्रतिशत मतदान हुआ था।
राज्य में हाल में फिर से बसे ब्रू शरणार्थियों ने पहली बार मतदान में हिस्सा लिया। राज्य में कुल 37,136 ब्रू आबादी में से 14,005 वोट देने के लिए पात्र हैं।
सभी 3337 मतदान केंद्रों पर मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और दिन चढ़ने के साथ इसमें तेजी आई। कुछ अप्रिय घटनाओं के कारण चुनाव प्रभावित हुआ। पुलिस ने कहा कि दो घटनाओं में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के तीन कार्यकर्ता घायल हो गए।
मोग ने कहा, ‘‘गोमती जिले के काकराबन और सिपाहीजाला जिले के बॉक्सानगर में दो अलग-अलग घटनाओं में माकपा के तीन कार्यकर्ता घायल हो गए। निर्वाचन आयोग को मतदाताओं को डराने-धमकाने की कुछ शिकायतें और रिपोर्टें मिलीं। इन्हें पेशेवर तरीके से हल किया गया।’’
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए केंद्रीय बलों और राज्य सशस्त्र पुलिस की 400 से अधिक कंपनियों को राज्य में तैनात किया गया था।
कुल मिलाकर 28.13 लाख मतदाता 259 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। इन मतदाताओं में 13.53 लाख महिलाएं और 65,000 नए मतदाता हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) त्रिपुरा की 60 सीटों में से सबसे अधिक 55 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि उसकी सहयोगी इंडीजेनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) ने छह सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। वाम मोर्चा 47 सीटों पर चुनाव लड़ रहा है। राज्य में पहली बार वाम दलों के साथ गठबंधन करने वाली कांग्रेस ने 13 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
क्षेत्रीय ‘तिपरा मोथा’ बिना किसी सहयोगी के 42 सीटों पर चुनाव मैदान में है। कुल 58 निर्दलीय भी मैदान में हैं।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बारडोवली टाउन निर्वाचन क्षेत्र से उपचुनाव जीता था। वह इसी सीट से फिर से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि माकपा के प्रदेश सचिव जितेंद्र चौधरी सबरूम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। चौधरी वाम-कांग्रेस गठबंधन का चेहरा भी हैं।
उल्लेखनीय है कि टिपरा मोथा प्रमुख प्रद्योत किशोर देबबर्मा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। वह त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) के सदस्य हैं।
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