कोविड-19 के 80 प्रतिशत मामलों में लक्षण नहीं दिख रहे हैं, या कम दिख रहे हैं : स्वास्थ्य मंत्रालय
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन में आज कहा, ‘‘दुनिया भर के आंकड़े के विश्लेषण के आधार पर कोविड-19 के 80 प्रतिशत मरीजों में इसके लक्षण या तो नहीं नजर आ रहे हैं, या फिर बहुत ही कम नजर आ रहे हैं। करीब 15 प्रतिशत मरीज गंभीर रूप से बीमार हो रहे हैं और करीब पांच प्रतिशत की हालत बेहद नाजुक हो जाती है।’’
नयी दिल्ली, 20 अप्रैल केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 के 80 प्रतिशत मरीजों में या तो इसके लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं, या फिर उनमें इसके लक्षण बहुत ही कम नजर आ रहे हैं। मंत्रालय ने सोमवार को संकेत दिया कि यह सबसे चिंता की बात है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन में आज कहा, ‘‘दुनिया भर के आंकड़े के विश्लेषण के आधार पर कोविड-19 के 80 प्रतिशत मरीजों में इसके लक्षण या तो नहीं नजर आ रहे हैं, या फिर बहुत ही कम नजर आ रहे हैं। करीब 15 प्रतिशत मरीज गंभीर रूप से बीमार हो रहे हैं और करीब पांच प्रतिशत की हालत बेहद नाजुक हो जाती है।’’
समुदाय/समाज में एक-दूसरे से दूरी बनाए रखने, संक्रमण से बचने आदि पर जोर देते हुए अग्रवाल ने पहले कहा था कि कोविड-19 का ऐसे मरीज जिनमें इसके लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं, उनके संपर्क में आकर दूसरा व्यक्ति संक्रमित हो सकता है।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) में महामारी और संक्रामक रोग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रमण आर. गंगाखेड़कर ने कहा कि संक्रमित हुए 100 में से 80 लोगों में कोविड-19 के कोई लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा कि अभी तक जांच के पैमाने को और बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।
कोविड-19 के प्रसार को रोकने की अपनी संशोधित रणनीति के तहत सरकार ने हॉटस्पॉट और क्लस्टर क्षेत्रों (संक्रमण से अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों) में बुखार, खांसी और गले के संक्रमण का सामना कर रहे लोगों की जांच करनी शुरू कर दी है।
साथ ही, अस्पताल में भर्ती हर उस व्यक्ति की जांच की जा रही है जिन्हें श्वसन संबंधी बीमारी है, जिन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है, बुखार या जुकाम है।
संक्रमित व्यक्ति के प्रत्यक्ष संपर्क में आने वाले लोगों की भी पांचवें से 14वें दिन के बीच जांच की जा रही है।
इसके अलावा दिशा-निर्देशों के तहत ऐसे प्रत्येक व्यक्ति की जांच की जा रही है जिनमें लक्षण नहीं दिख रहे हैं, लेकिन उसने विदेश यात्रा की है, किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया है या फिर वह स्वास्थ्यकर्मी है।
आईसीएमआर ने वायरस के प्रसार को और प्रभावी तरीके से रोकने तथा जांच के पैमाने में आने वाले सभी लोगों को भरोसेमंद जांच रिपोर्ट मुहैया कराने के लिए हाल ही में अपनी रणनीति में बदलाव किया है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सोमवार तक देश में 17,656 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने और 559 लोगों के संक्रमण से मरने की पुष्टि हुई है।
हालांकि, पीटीआई द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुरोध सोमवार रात सवा नौ बजे तक देश में 18,322 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी जबकि 590 लोगों की संक्रमण से मौत हुई है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 20, 2020 11:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

