करोल बाग के 78 होटलों को पृथक-वास में तब्दील करने का:आरडब्ल्यूए की शीर्ष संस्था का विरोध

लॉकडाउन के कारण विदेश में फंसे भारतीयों के लौटने पर उनके लिये इन होटलों को पृथक-वास में तब्दील किया जा रहा है।

जमात

नयी दिल्ली, आठ मई दिल्ली में रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्लूए) की शीर्ष संस्था ने शुक्रवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से करोल बाग में 78 होटलों को पृथक-वास में तब्दील करने के फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।

लॉकडाउन के कारण विदेश में फंसे भारतीयों के लौटने पर उनके लिये इन होटलों को पृथक-वास में तब्दील किया जा रहा है।

‘यूनाइटेड रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ज्वाइंट एक्शन’ प्रमुख अतुल गोयल ने बैजल और केजरीवाल को लिखे एक पत्र में कहा कि इलाके के बाशिंदे हमारे नागरिकों को (विदेश से) वापस लाने के फैसले का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन हम अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमण के इस खतरे को टाला जा सकता है।

उन्होंने कहा कि करोल बाग मुख्य रूप से एक आवासीय इलाका है और ये 78 होटल इलाके के बाशिंदों की आपत्तियों और विरोध के बावजूद संचालित हो रहे हैं।

एसोसिएशन के प्रमुख ने कहा, ‘‘यह समझा जाता है कि इनमें से काफी होटल बगैर वैध लाइसेंस के संचालित हो रहे हैं, जो नियम-कायदों का घोर उल्लंघन है।’’

उन्होंने कहा कि इन होटलों को पृथक-वास में तब्दील किये जाने के बाद उनमें विदेश से आने वाले लोगों को रखे जाने पर इलाके के बाशिंदों के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाएगा। साथ ही, इससे इलाके में वाहनों का अनावश्यक आवागमन भी बढ़ेगा।

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