देश की खबरें | शिमला में गिरफ्तार किए गए ‘चिट्टा’ तस्करों में से 75 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों से : पुलिस के आंकड़े

शिमला, 13 जनवरी शिमला जिले के ग्रामीण इलाके ‘चिट्टा’ (मिलावटी हेरोइन) के गढ़ बनते जा रहे हैं और पुलिस के आंकड़ों से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए तस्करों में से लगभग 75 प्रतिशत इन क्षेत्रों से आते हैं।

आंकड़ों में कहा गया है कि 2022 में राजधानी जिले में स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) के 239 मामलों में 341 पुरुषों और 14 महिलाओं सहित 355 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से एनडीपीएस के कुल मामलों में से 65 प्रतिशत से अधिक मामले चिट्टा के हैं और 157 मामलों में 250 लोगों को नशीले पदार्थ के साथ पकड़ा गया है।

पुलिस से प्राप्त आंकड़ों से पता चला है कि चिट्टा के संबंध में गिरफ्तार किए गए 166 मादक पदार्थ के तस्करों में से 47 रामपुर से, 42 शिमला शहर से, 37 रोहरू से, 34 ठियोग से और छह चौपाल से हैं।

आंकड़ों के अनुसार, चिट्टा रखने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कुल 250 लोगों में से 201 हिमाचल प्रदेश से, 12 हरियाणा से, 10 उत्तर प्रदेश से, सात पंजाब से, छह दिल्ली से, तीन बिहार से, दो-दो राजस्थान और झारखंड से और एक चंडीगढ़ से है।

इन आंकड़ों में कहा गया है कि इसके अलावा, दो-दो लोग ब्रिटेन, नेपाल और नाइजीरिया के हैं।

शिमला की पुलिस अधीक्षक (एसपी) मोनिका भुटुंगुरू ने बताया कि जन-पुलिस भागीदारी के परिणामस्वरूप, 2021 की तुलना में चिट्टा के मामलों, गिरफ्तारी और बरामदगी की संख्या में क्रमशः 30 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 116 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उन्होंने पीटीआई को बताया कि 157 मामलों में कम से कम 250 लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से 3.8 किलोग्राम चिट्टा बरामद किया गया जबकि 2021 में 211 मामलों में 211 व्यक्ति गिरफ्तार किए गए थे और उनके पास से 1.8 किलोग्राम चिट्टा बरामद किया गया था।

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