देश की खबरें | नीलांबुर विधानसभा उपचुनाव में 73.26 प्रतिशत मतदान हुआ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल में नीलांबुर विधानसभा सीट पर बृहस्पतिवार को हुए उपचुनाव में शाम पांच बजे तक 70 प्रतिशत से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
मलप्पुरम (केरल), 19 जून केरल में नीलांबुर विधानसभा सीट पर बृहस्पतिवार को हुए उपचुनाव में शाम पांच बजे तक 70 प्रतिशत से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शाम पांच बजे तक 73.26 प्रतिशत मतदान हुआ। इसने कहा कि मतदान प्रतिशत के अंतिम आंकड़े के बारे में भी जानकारी साझा की जाएगी।
मतगणना 23 जून को होगी।
केंद्रीय सुरक्षा बलों और पुलिस की तैनाती सहित कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। साथ ही व्यापक वेबकास्टिंग प्रणाली के माध्यम से उपचुनाव प्रक्रिया का सीधा प्रसारण किया जा रहा है।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पहले दो घंटों में 13.15 प्रतिशत मतदान हुआ और पूर्वाहन 11 बजे तक यह बढ़कर 30.15 हो गया। अपराह्न तीन बजे तक मतदान प्रतिशत बढ़कर 60 प्रतिशत के करीब पहुंच गया।
उपचुनाव के लिए 263 मतदान केंद्र बनाए गए हैं जहां सुबह से ही मतदाता पहुंचने लगे। इस निर्वाचन क्षेत्र के 2.32 लाख से अधिक लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पात्र हैं। वे 10 उम्मीदवारों में से अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे।
इन 10 उम्मीदवारों में से प्रमुख उम्मीदवार सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) उम्मीदवार एम स्वराज, कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के आर्यदान शौकत, तृणमूल कांग्रेस की राज्य इकाई के संयोजक एवं निर्दलीय उम्मीदवार पी वी अनवर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के मोहन जॉर्ज हैं।
एक बूथ से दूसरे बूथ पर जाते समय शौकत ने संवाददाताओं से कहा कि मतदान प्रतिशत बढ़ेगा और बारिश से इस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि 59 नए बूथ बनाए जाने से कई मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें शायद नहीं लगेंगी।
यूडीएफ उम्मीदवार ने भारी अंतर से जीत का भरोसा जताया।
एलडीएफ के स्वराज भी उपचुनाव में अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने भी कहा कि जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा, बारिश के बावजूद मतदान प्रतिशत में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके करीबी सहयोगियों के खिलाफ आरोप लगाने के बाद अनवर ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत एलडीएफ से नाता तोड़ते हुए इस निर्वाचन क्षेत्र के विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद उपचुनाव की जरूरत पड़ी।
अनवर ने संवाददाताओं को अपने कार्यकाल में निर्वाचन क्षेत्र में किए गए विकास के बारे में बताया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि तीनों मोर्चों यूडीएफ, एलडीएफ और राजग में से किसी ने भी अपने अभियान के दौरान जंगली जानवरों के हमलों जैसे स्थानीय मुद्दों पर चर्चा नहीं की।
उन्हें यह भी विश्वास है कि वह यूडीएफ और एलडीएफ के वोटबैंक में भी सेंध लगाएंगे।
सुबह मतदान से पहले अभ्यास किया गया ताकि यह जांचा जा सके कि ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन’ (ईवीएम) सही तरीके से काम कर रही हैं या नहीं।
अंतिम मतदाता सूची में 1,13,613 पुरुष, 1,18,760 महिलाएं और आठ ‘ट्रांसजेंडर’ व्यक्ति शामिल हैं। कुल मतदाताओं में से 7,787 मतदाता पहली बार मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। इस निर्वाचन क्षेत्र में 373 प्रवासी मतदाता और 324 आवश्यक सेवाओं में कार्यरत मतदाता भी पंजीकृत हैं।
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