देश की खबरें | नागरिकों के अधिकारों, आजादी की रक्षा करते हुए उच्चतम न्यायालय के कामकाज के 71 साल पूरे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को काम काज के 71 साल पूरे होने पर कहा कि निर्बाध न्याय प्रदान करते हुए उसे कोरोना वायरस संक्रमण के कारण 2020 में अप्रत्याशित और बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

नयी दिल्ली, 28 जनवरी उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को काम काज के 71 साल पूरे होने पर कहा कि निर्बाध न्याय प्रदान करते हुए उसे कोरोना वायरस संक्रमण के कारण 2020 में अप्रत्याशित और बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

शीर्ष अदालत की पहली सुनवाई 28 जनवरी 1950 को हुई थी। न्यायालय ने इस अवसर पर एक आधिकारिक बयान जारी किया और कहा कि वह कानून के नियमों को, संवैधानिक मूल्यों को बरकरार रखते हुए नागरिकों के अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा करता रहा है।

बयान में कहा गया, ‘‘बीते वर्षों में शीर्ष अदालत ने भारत के संविधान के तहत मिली शक्तियों के तहत नागरिकों के अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा तथा कानून के नियम और संवैधानिक मूल्यों को बरकरार रखते हुए लगातार काम किया है।’’

इसमें कहा गया, ‘‘इस यात्रा के दौरान उच्चतम न्यायालय को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन वह अपने कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्ध रहा और उसने निर्बाध तरीके से न्याय तक पहुंच सुनिश्चित किया।’’

न्यायालय ने कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए 23 मार्च 2020 से लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का हवाला दिया और कहा कि मुश्किलों के बावजूद ‘उच्चतम न्यायालय ने बिना किसी अवरोध के न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए अदालत का काम जारी रखा हालांकि पीठ की संख्या घटा दी गयी।’

बयान में कहा, ‘‘एक कैलेंडर वर्ष में आम तौर पर न्यूनतम 190 दिन कार्यवाही की तुलना में 2020 में 13 अवकाशकालीन पीठ की सुनवाई समेत अदालत ने 231 दिन काम किया।’’

पिछले तीन वर्षो में औसतन 268 दिनों की तुलना में रजिस्ट्री भी 271 दिनों तक खुली रही।

बयान में कहा, ‘‘रजिस्ट्री के कार्यबल पर भी असर पड़ा क्योंकि 408 अधिकारी, कर्मचारी कोविड-19 से संक्रमित हुए और एक अधिकारी की मौत हो गयी। हालांकि करीब 99 प्रतिशत अधिकारियों, कर्मचारियों में संक्रमण के किसी तरह के लक्षण नहीं थे या मामूली लक्षण थे।’’

बयान में कहा गया कि तकनीकी अड़चनों और कार्यबल घटने, कोविड-19 संबंधी प्रोटोकॉल के कारण चुनौतियों के बावजूद 31 दिसंबर 2020 तक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए 1998 पीठों ने 43,713 बैठकों में सुनवाई की।

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