देश की खबरें | एसबीकेके के ‘श्रीराम’ के 65वें संस्करण का आगाज़
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. श्रीराम भारतीय कला केंद्र (एसबीकेके) की नृत्य नाटक ‘श्री राम’ के 65वें संस्करण का आगाज़ बृहस्पतिवार को हो गया। इस दौरान सरकार के कोविड-19 दिशानिर्देशा का पालन किया गया।
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर श्रीराम भारतीय कला केंद्र (एसबीकेके) की नृत्य नाटक ‘श्री राम’ के 65वें संस्करण का आगाज़ बृहस्पतिवार को हो गया। इस दौरान सरकार के कोविड-19 दिशानिर्देशा का पालन किया गया।
देश के सबसे पुराने वार्षिक नृत्य नाटक में प्रशिक्षित नृत्य एवं थिएटर कलाकार प्रस्तुति देते हैं। इसकी प्रस्तुति रोज़ाना केंद्र के खुले लॉन में शाम साढ़े छह बजे से रात नौ बजे तक होगी।
इसे पद्म श्री शोभा दीपक सिंह ने बनाया था। दावा किया जाता है कि ‘श्रीराम’ 1967 से रामलीला का सबसे प्रसिद्ध संस्करण है। सिंह एसबीकेके की निदेशक एवं उपाध्यक्ष हैं।
एसबीकेके के मुताबिक, महाकाव्य की इसकी प्रस्तुति अद्वितीय है और इसमें एलईडी दीवारों का इस्तेमाल किया जाता है जिसमें पृष्ठभूमि में एनिमेटिड दृश्य चलते हैं।
नृत्य नाटक में भरतनाट्यम और कलारीपयट्टू से लेकर मयूरभंज चौ और उत्तर भारत के लोक नृत्य शामिल हैं जिसमें हिंदुस्तानी शास्त्रीय रागों पर आधारित लयबद्ध संगीत होता है।
सिंह ने कहा कि दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनकी पूरी टीका ने टीकाकरण करा लिया है और दो घंटे के कार्यक्रम के दौरान महामारी से संबंधित सभी दिशानिर्देशों मसलन, मास्क लगाना, सैनिटाइजर आदि का पालन किया जा रहा है।
उन्होंने एक बयान में कहा, “कोविड-19 खत्म नहीं हुआ है और नए स्वरूप का खतरा बना हुआ है। हमें समझदारी से काम लेना है और सावधानियों का पालन करते हुए वायरस के साथ रहना है।”
सिंह ने कहा कि इस साल ‘श्रीराम’ की प्रस्तुति विशेष पार्श्व संगीत के साथ दी जाएगी जो एसबीकेके की रामलीला के पुराने संस्करण से लिया गया है। यह वार्षिक नृत्य नाटक 20 अक्टूबर को खत्म हो जाएगा।
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