जरुरी जानकारी | देश की स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता में 50 प्रतिशत अब गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से हासिल
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नयी दिल्ली, 18 जुलाई देश की स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता में से 50 प्रतिशत अब गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से हासिल हो रही है। भारत ने दिसंबर 2015 में हस्ताक्षरित पेरिस समझौते के तहत तय 2030 के लक्ष्य से पांच साल पहले इसे हासिल कर लिया है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोत अब भारत की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 484.8 गीगावाट (जीडब्ल्यू) का आधा हिस्सा हैं, जो निर्धारित समय से पांच वर्ष पहले हासिल कर लिया गया है।
भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता 234 गीगावाट है जिसमें बड़ी जलविद्युत परियोजनाएं भी शामिल हैं। परमाणु ऊर्जा का योगदान अतिरिक्त 8.7 गीगावाट है। कुल मिलाकर ये सभी देश की कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता 484.8 गीगावाट के 50 प्रतिशत से थोड़ा अधिक हैं। इसकी तुलना में ताप विद्युत क्षमता 242 गीगावाट है।
अधिकारियों ने बताया कि यह उपलब्धि भारत की मजबूत नीति निर्देशन को निजी क्षेत्र के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ संयोजित करने की प्रभावशाली क्षमता को रेखांकित करती है।
भारत में प्रति व्यक्ति उत्सर्जन दुनिया में सबसे कम है, फिर भी इसकी तेजी से बढ़ती आबादी और बढ़ती ऊर्जा मांग जलवायु कार्रवाई को महत्वपूर्ण बनाती है।
शहरीकरण और डिजिटल परिवर्तन में तेजी से, बिजली की अधिकतम मांग में तीव्र गति से वृद्धि होने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2024-25 में 250 गीगावाट से बढ़कर इसके वित्त वर्ष 2032 तक 388 गीगावाट होने का अनुमान है।
सूत्रों ने बताया कि नवीकरणीय क्षमता में तीव्र वृद्धि को सरकारी नीति समर्थन और स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों (आईपीपी) द्वारा परियोजनाओं की तीव्र स्थापना से बल मिला।
आंकड़ों के अनुसार, 2014 से भारत की सौर ऊर्जा क्षमता मामूली 2.82 गीगावाट से बढ़कर जून 2025 तक 116 गीगावाट हो गई है। यह 41 गुना की आश्चर्यजनक वृद्धि है। इसी अवधि में पवन ऊर्जा क्षमता 21 गीगावाट से बढ़कर 51.6 गीगावाट हो गई है।
उन्होंने बताया कि उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना, राष्ट्रीय पवन-सौर हाइब्रिड नीति व मॉडल और विनिर्माताओं की अनुमोदित सूची (एएलएमएम) में संशोधन जैसी सरकारी नीतियों ने घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित किया, निवेश को आसान बनाया और कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित किया है।
परिचालन क्षमता के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल), देश में क्षमता वृद्धि अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रही है। 15,815.5 मेगावाट से अधिक की चालू क्षमता के साथ एजीईएल भारत के कुल नवीकरणीय ऊर्जा आधार 184.62 गीगावाट में लगभग 8.66 प्रतिशत का योगदान देती है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 18, 2025 01:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

