देश की खबरें | जी-20 संस्कृति कार्यसमूह की चौथी बैठक कल से वाराणसी में
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नयी दिल्ली, 22 अगस्त जी-20 संस्कृति कार्यसमूह (सीडब्ल्यूजी) की चौथी बैठक बुधवार को वाराणसी में शुरू होगी जिसका उद्देश्य नीति बनाने के केंद्र में संस्कृति को रखते हुए कार्यात्मक परिणामों पर पहुंचना है।
अधिकारियों ने बताया कि बैठक से इतर जी-20 के सदस्य देशों और आमंत्रित देशों के समृद्ध संगीत ज्ञान और विरासत का उत्सव मनाने के लिए जी-20 ग्लोबल ऑर्केस्ट्रा ‘सुर वसुधा’ की प्रस्तुति होगी।
संस्कृति मंत्रालय ने मंगलवार को एक वक्तव्य में कहा, ‘‘जी-20 संस्कृति कार्यसमूह की चौथी बैठक कल वाराणसी में शुरू होगी, जिसका समापन 26 अगस्त को संस्कृति मंत्रियों की बैठक के साथ होगा। जी-20 देशों, आमंत्रित देशों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल होंगे।’’
इसमें कहा गया कि खजुराहो, भुवनेश्वर और हम्पी में पूर्व में हुई तीन सीडब्लूजी बैठकों तथा चार वैश्विक विषयगत वेबिनारों की सफलता के क्रम में सीडब्लूजी की चौथी बैठक वाराणसी में 23 से 25 अगस्त तक होगी। इसका लक्ष्य नीति-निर्माण के केंद्र में संस्कृति को रखकर कारगर परिणामों को प्राप्त करना है।
विज्ञप्ति के अनुसार वाराणसी में संस्कृति मंत्रियों की बैठक का उद्देश्य भारतीय अध्यक्षता के तहत व्यक्त किए गए चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर प्रगति के सिलसिले में सामूहिक कार्यों में तेजी लाना होगा।
इसमें कहा गया कि इसके जरिये सांस्कृतिक संपत्ति का संरक्षण और पुनर्स्थापना, एक सतत भविष्य के लिए मौजूदा विरासत का उपयोग, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने तथा रचनात्मक अर्थव्यवस्था, संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों से लाभ उठाने के काम को बढ़ावा दिया जायेगा।
मंत्रालय ने कहा कि सीडब्ल्यूजी के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विशेषज्ञ-संचालित वैश्विक विषयगत वेबिनार के विचारों और सिफारिशों को ‘जी-20 संस्कृति: समावेशी विकास के लिए वैश्विक विमर्श को आकार देना’ नामक एक व्यापक रिपोर्ट में शामिल किया गया है।
इस रिपोर्ट को संस्कृति कार्य-समूह द्वारा संस्कृति मंत्रियों की बैठक के एक भाग के रूप में वाराणसी में जारी किया जाएगा।
विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत सीडब्ल्यूजी ने विविध संस्कृतियों और समुदायों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पर आधारित बहुपक्षवाद में भारत के अटूट विश्वास को उजागर करने के लिए 'संस्कृति सभी को एकजुट करती है' अभियान शुरू किया था।’’
इसमें कहा गया, ‘‘सीडब्ल्यूजी 26 अगस्त 2023 को अभियान की स्मृति में एक विशेष डाक टिकट जारी करेगा।’’
बैठक के दौरान, प्रतिनिधियों को गंगा नदी के तट पर विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती का अनुभव करने और सारनाथ के इतिहास को जानने का अवसर मिलेगा।
सभी प्रतिनिधि वाराणसी में अपने प्रवास के दौरान भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य सहित सांस्कृतिक प्रदर्शन का भी अवलोकन करेंगे।
बयान के अनुसार वर्ष 2020 में, सऊदी अरब की अध्यक्षता के तहत, संस्कृति मंत्रियों की पहली बार जी-20 से इतर बैठक हुई थी।
इसमें कहा गया कि 2021 में, समूह की इटली की अध्यक्षता के दौरान संस्कृति को एक कार्यसमूह के रूप में औपचारिक आकार दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप जी-20 संस्कृति मंत्रियों की बैठक हुई और उसके बाद 'रोम संस्कृति मंत्रियों का घोषणा-पत्र' जारी किया गया।
इंडोनेशिया की अध्यक्षता में 2022 के 'बाली घोषणा-पत्र' ने सतत विकास में संस्कृति की भूमिका पर जोर दिया। वाराणसी में, यह चौथी बार होगा जब जी-20 सदस्यों और आमंत्रित देशों के संस्कृति मंत्रियों की बैठक होगी।
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