राजस्थान में बुधवार से 400 मोबाइल ओपीडी काम करेंगी : गहलोत
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि ये मोबाइल वैन उपखण्ड मुख्यालयों के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर उपलब्ध होंगी और गांव-कस्बे तक पहुंचकर मरीजों को सामान्य बीमारियों का उपचार उपलब्ध करायेंगी।
जयपुर, 21 अप्रैल कोरोना वायरस संक्रमण महामारी को लेकर जारी संकट के बीच आम रोगियों को परेशानी का सामना नहीं करना पडे़ इसके लिए राजस्थान में बुधवार से 400 ओपीडी मोबाइल वैन काम करेंगी।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि ये मोबाइल वैन उपखण्ड मुख्यालयों के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर उपलब्ध होंगी और गांव-कस्बे तक पहुंचकर मरीजों को सामान्य बीमारियों का उपचार उपलब्ध करायेंगी।
गहलोत ने कहा कि किसी को गंभीर बीमारी होने की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाएगी, ताकि रोगी को तुरंत इलाज मिल सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं।
वीडियो कांफ्रेंस से पत्रकारों में बातचीत में गहलोत ने निजी अस्पतालों को भी आगाह किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि निजी अस्पताल संकट की इस घड़ी में अपनी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं अन्यथा सरकार सख्ती से कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी निजी अस्पताल से किसी मरीज को बिना इलाज वापस लौटाने की शिकायत नहीं आए।
मुख्यमंत्री कोरोना वायरस बीमारी से लड़ाई के लिए चिकित्साकर्मियों की कमी नहीं रहे, इसके लिए करीब नौ हजार एएनएम व जीएनएम के पदों पर नियुक्ति के संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। जल्द की इनकी नियुक्ति होगी।
उन्होंने बताया कि 12 हजार पदों पर होने वाली यह भर्ती न्यायालय में उलझ गई थी। अब सरकार ने 3674 न्यायिक प्रकरणों को छोड़कर शेष पदों पर नियुक्ति का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि न केवल जांचों की संख्या बढ़े बल्कि रिपोर्ट भी समय पर आए। इसके लिए हमारा जोर अधिक से अधिक पीसीआर किट पाने पर है। इसके लिए हमने आईसीएमआर को न्यूक्लियर एक्सटेंशन किट की आपूर्ति बढ़ाने को कहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने चार हजार नमूने दिल्ली भेजे थे जिनमें से 3800 की रिपोर्ट आ गई है। इनमें 80 संक्रमित आए हैं।
गहलोत ने कहा कि रैपिड टेस्ट के नतीजों पर देशभर में जो संदेह का वातावरण बना है वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उस समय हमारे सुझावों को मान लिया जाता तो आज आईसीएमआर को रैपिड टेस्ट स्थगित करने की नौबत नहीं आती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटा में अध्ययनरत अन्य राज्यों के कोचिंग छात्र छात्राओं को उनके घर पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। आज बिहार और बंगाल को छोड़कर अन्य राज्य इसके लिए तैयार हो गए हैं। हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द ये बच्चे संकट के इस समय में अपने घर पहुंच सकें। इसके लिए हम हरसम्भव सहयोग प्रदान करेंगे।
कुंज पृथ्वी
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2020 11:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

