कई सप्ताह से समुद्र में भटक रहे 382 रोहिंग्या शरणार्थियों को बचाया गया
हालांकि कई अधिकारी इस संबंध में अलग-अलग बयान दे रहे हैं कि क्या ये लोग उन शरणार्थियों में शामिल हैं जो म्यामां में जातीय नरसंहार के बाद वहां से भागे थे और बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं।
इन शरणार्थियों में अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं। तटरक्षक बल के स्थानीय प्रमख लेफ्टिनेंट कमांडर एम. सोहेल राना ने बताया कि ये लोग बुधवार की रात बांग्लादेश के कॉक्स बाजार के टेकनाफ क्षेत्र के तट पर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे।
हालांकि कई अधिकारी इस संबंध में अलग-अलग बयान दे रहे हैं कि क्या ये लोग उन शरणार्थियों में शामिल हैं जो म्यामां में जातीय नरसंहार के बाद वहां से भागे थे और बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं।
राणा ने कहा कि शरणार्थियों ने करीब दो महीने पहले मलेशिया के लिए यात्रा शुरू की थी और कई हफ्ते से समुद्र में भटक रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘वे मलेशिया नहीं पहुंच पाए और लौट आए।’’ कॉक्स बाजार के पुलिस अधीक्षक ए बी एम मसूद हुसैन ने कहा कि बचाए गए लोगों को तस्करों ने लालच दिया था और नाव का मालिक म्यामां का एक बौद्ध नागरिक था।
अन्य अधिकारियों का कहना है कि बचाए गए शरणार्थी बांग्लादेश के शिविरों के ही हैं। एक खुफिया अधिकारी जिसने मौके पर कम से कम 10 शरणार्थी से बात की थी, उनका कहना था कि ये शरणार्थी कॉक्स बाजार जिले के विभिन्न शिविरों के हैं। हालंकि उन्होंने पहचान नहीं जाहिर करने की शर्त पर यह जानकारी दी।
खुफिया अधिकारी ने बताया कि नाव ने मलेशिया के तट पर पहुंचने की कम से कम सात बार कोशिश की लेकिन उनके प्रयास विफल रहे। उन्होंने बताया कि एक शरणार्थी ने उन्हें जानकारी दी है कि इस दौरान कई लोगों की मौत हो गई।
स्थानीय मीडिया में खबर आई है कि कम से कम 28 लोगों की मौत इस यात्रा के दौरान हो गई लेकिन अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 16, 2020 04:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

