देश की खबरें | तमिलनाडु के कल्लाकुरिचि में मेथनॉल मिश्रित अवैध देशी शराब पीने से अब तक 34 लोगों की मौत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तमिलनाडु के कल्लाकुरिचि जिले में स्थित करुणापुरम क्षेत्र में मातम का माहौल है जहां जहरीली शराब पीने से 34 लोगों की मौत हो गई और इसके चलते कई बच्चे अनाथ हो गए।
चेन्नई, 20 जून तमिलनाडु के कल्लाकुरिचि जिले में स्थित करुणापुरम क्षेत्र में मातम का माहौल है जहां जहरीली शराब पीने से 34 लोगों की मौत हो गई और इसके चलते कई बच्चे अनाथ हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि जहरीली शराब पीने से 100 से अधिक लोग बीमार हैं और उनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने कहा, ''कल्लाकुरिची में हुई यह घटना नहीं होनी चाहिए थी और इससे मुझे गहरा दुख पहुंचा है।"
उन्होंने कहा कि 'मेथनॉल मिश्रित देशी शराब’ पीने से 34 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को अस्पतालों में इलाज करा रहे लोगों की विशेष देखभाल करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने इस स्थिति की समीक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने इस मामले की जांच करने के लिए मद्रास उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बी गोकुलदास के नेतृत्व में एक सदस्यीय आयोग गठित करने का भी निर्देश दिया।
यह आयोग अवैध देशी शराब पीने से हुई लोगों की मौत के कारणों की जांच करेगा और साथ ही ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को लेकर सरकार से सिफारिश करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहरीली शराब बेचने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने जान गंवाने वाले 34 लोगों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। इसके अलावा, उन्होंने अस्पतालों में इलाज करा रहे लोगों को पचास-पचास हजार रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की।
स्टालिन ने कहा कि राज्य के गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक इस मामले की जांच करने के बाद एक रिपोर्ट भी पेश करेंगे।
उन्होंने जहरीली शराब बनाने के लिए मेथनॉल उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही।
करुणापुरम में जहरीली शराब पीने से दो महिलाओं और एक ट्रांसजेंडर सहित 34 लोगों की मौत होने से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में दिल को झकझोर कर देने वाले कई दृश्य नजर आए, जहां एक छोटी बच्ची रोती दिखी तो कुछ लोग अपने प्रियजनों की स्थिति जानने के लिए चिंतित नजर आए। वहीं, कुछ महिलाएं सड़कों पर रोती-बिलखती दिखाई दीं।
तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने प्रभावित लोगों से मुलाकात की। इस घटना में तीन बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया है।
इस बीच, सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर 'इस्तीफा दो स्टालिन' ट्रेंड करने लगा। कई उपयोगकर्ताओं ने 'हैशटैग सरया मॉडल' का उपयोग करके द्रमुक शासन की 'द्रविड़ मॉडल' टैगलाइन को निशाना बनाया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने जहरीली शराब पर अंकुश न लगा पाने को लेकर द्रमुक सरकार के खिलाफ 22 जून को पूरे राज्य में प्रदर्शन करने का ऐलान किया।
अपराध जांच विभाग के अधिकारियों ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। वहीं, मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को मेथनॉल के स्रोत की जांच करने और स्थानीय स्तर पर इसे पूरी तरह नष्ट करने का निर्देश दिया है।
अधिकारियों ने पहले ही लगभग 200 लीटर अवैध देशी शराब जब्त कर ली है और जांच करने पर इसमें मेथनॉल के मिले होने की पुष्टि हुई।
तमिलनाडु के लोकनिर्माण मंत्री मंत्री ई वी वेलु और स्वास्थ्य मंत्री एम सुब्रमण्यम प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए कल्लाकुरिचि में मौजूद हैं। वहीं, जिलाधिकारी प्रशांत ने बताया कि 116 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।
पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि अवैध शराब की बिक्री का स्थान "कल्लाकुरिची का प्रमुख स्थान है और यह पुलिस थाने तथा अदालत के पास है।"
अन्नाद्रमुक के प्रमुख ने दावा किया कि इस घटना में कुल 36 लोगों की मौत हुई है।
कल्लाकुरिची में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जहरीली शराब की बिक्री के पीछे एक ‘‘बड़ा गिरोह’’ शामिल है, जिसमें सत्तारूढ़ द्रमुक के ताकतवर लोग भी हैं।
उन्होंने कहा, ''अन्यथा, क्या अवैध देशी शराब की बिक्री शहर के प्रमुख इलाके और पुलिस थाने के पास हो सकती है?"
पलानीस्वामी ने इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने अतीत में हुई ऐसी ही घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पार्टी के विधायक एम सेंथिल कुमार (कल्लाकुरिची विधानसभा क्षेत्र) ने कुछ दिन पहले स्थानीय पुलिस से अवैध देशी शराब की समस्या के बारे में शिकायत की थी लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने इस हादसे में अपने माता-पिता को खोने वाले तीन बच्चों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पार्टी बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाएगी और उन्हें 10 साल तक पांच-पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद भी देगी।
पलानीस्वामी ने राज्य सरकार से मांग की कि मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये किया जाना चाहिए और साथ ही प्रभावित परिवारों में पात्र व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए।
उन्होंने कल्लाकुरिचि सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पीड़ितों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें संत्वाना दी।
मंत्री ई.वी. वेलु ने यहां संवाददाताओं से कहा कि ऐसा नहीं माना जाना चाहिए कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के शासन में अवैध देशी शराब की बिक्री हुई है, बल्कि पिछली सभी सरकारों के कार्यकाल के दौरान ऐसी घटनाएं हुई हैं।
उन्होंने कहा, ''हर सरकार (चाहे वह द्रमुक हो या अन्नाद्रमुक) ने ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की है। वर्तमान सरकार भी कड़ी कार्रवाई कर रही है।''
वेलु ने कहा, ''राज्य सरकार इस मामले में किसी को नहीं बख्शेगी।''
सत्तारूढ़ द्रमुक के सहयोगी दलों-भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके) ने इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कल्लाकुरिची की इस घटना से एक साल पहले विल्लुपुरम और चेंगलपेट जिले में जहरीली शराब पीने से 21 लोगों की मौत हो गई थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)