ताजा खबरें | 236 जिलों ने अभी तक खुद को मैला ढोने की प्रथा से मुक्त घोषित नहीं किया: सरकार
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि 236 जिलों ने अभी तक खुद को मैला ढोने की प्रथा से मुक्त घोषित नहीं किया है। हालांकि सरकार ने यह दावा किया कि किसी भी जिले में इस प्रथा की सूचना नहीं मिली है।
नयी दिल्ली, 26 जुलाई केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि 236 जिलों ने अभी तक खुद को मैला ढोने की प्रथा से मुक्त घोषित नहीं किया है। हालांकि सरकार ने यह दावा किया कि किसी भी जिले में इस प्रथा की सूचना नहीं मिली है।
सरकार ने कहा कि 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने खुद को मैला ढोने की प्रथा से मुक्त घोषित किया है।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि भारत के 766 जिलों में से 530 ने खुद को मैला ढोने की प्रथा से मुक्त बताया है।
उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी जिले में सिर पर मैला ढोने की प्रथा की कोई खबर नहीं है। हमने सभी जिलों से अनुरोध किया है कि या तो वे खुद को मैला ढोने की प्रथा से मुक्त घोषित करें या ‘स्वच्छता अभियान’ मोबाइल ऐप पर अस्वच्छ शौचालय और मैला ढोने वालों का डेटा अपलोड करें। हालांकि, अभी तक ऐप पर कोई विश्वसनीय डेटा अपलोड नहीं किया गया है।’’
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के अधिकांश जिलों ने अभी तक खुद को मैला ढोने से मुक्त घोषित नहीं किया है।
हाथों से मैला ढोने पर देश में प्रतिबंध है। संबंधित कानून मानव मल को हाथ से साफ करने, ले जाने, या निपटाने के लिए किसी भी व्यक्ति के उपयोग पर प्रतिबंध लगाता है।
एक अन्य सवाल के जवाब में आठवले ने कहा कि हाथ से मैला ढोने की प्रथा से मुक्त स्थिति के लिए जिलों और राज्य सरकारों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से मिली जानकारी के अनुसार 14 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सिर पर मैला ढोने की प्रथा से मुक्त हैं।
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