देश की खबरें | गाजियाबाद के मुरादनगर में श्मशान घाट पर छत ढहने से 23 लोगों की मौत, 15 घायल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में रविवार को एक श्मशान घाट पर छत ढह जाने से 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 15 अन्य घायल हो गये। उनमें करीब सभी लोग एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में पहुंचे थे। पुलिस ने यह जानकारी दी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

गाजियाबाद (उप्र), तीन जनवरी उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में रविवार को एक श्मशान घाट पर छत ढह जाने से 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 15 अन्य घायल हो गये। उनमें करीब सभी लोग एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में पहुंचे थे। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि जब छत ढही, तो बारिश से बचने के लिए कई लोग इमारत के नीचे खड़े थे जिसे हाल ही में बनाया गया था। इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई, वे सभी पुरूष और जयराम के रिश्तेदार या पड़ोसी थे, जिनका उस वक्त वहां अंतिम संस्कार हो रहा था।

बचावकर्मी यह सुनिश्चित करने के लिए घंटों तक मलबा हटाते रहे कि कहीं कोई और उसमें न फंसा हो।

यह हादसा मुरादनगर के उखलारसी में हुआ और इस घटना के बाद श्मशान घाट पर सबसे पहले स्थानीय लोग पहुंचे। उसके बाद पुलिस पहुंची और फिर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की इकाई पहुंची। सभी मलबे से मृतकों एवं घायलों को निकालने में जुट गये।

गाजियाबाद ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक इराज राजा ने बताया कि इस घटना में 23 लोगों की मौत होने के अलावा 15 अन्य को घायल अवस्था में विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

शाम तक उनमें से कम से कम 18 की पहचान कर ली गयी। मारे गये लोगों में उत्तर प्रदेश के मेरठ के जयवीर सिंह भी थे जो अपने भाई के ससुर के अंतिम संस्कार में पहुंचे थे।

जयवीर सिंह के भाई उमेश कुमार ने कहा, ‘‘ हमें उन्हें बाहर निकालने में करीब डेढ़ घंटे लग गये। प्रशासन ने शवों को निकालने के लिए क्रेन का इस्तेमाल किया। जयवीर इस दौरान मुझसे बात कर रहे थे। लेकिन वह बच नहीं पाये और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।’’

कुछ ने अस्पताल में सुविधाओं की कमी की शिकायत की और प्रशासन पर इस घटना से निपटने में निष्ठुर रवैये का आरोप लगाया। कुछ अन्य ने श्मशान घाट पर इस निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार को गिरफ्तार करने की मांग की।

जयवीर के एक अन्य रिश्तेदार ने कहा, ‘‘ यह शेल्टर अभी एक-दो महीने पहले ही बना था। पहली बारिश के बाद ही यह ढह गया। ठेकेदार को तत्काल सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए। ’’

शाम को ठेकेदार अजय त्यागी, नगरपालिका की कार्यकारी अधिकारी निहारिका सिंह, कनिष्ठ अभियंता चंद्रपाल और सुपरवाइजर आशीष पर एक मृतक के बेटे की शिकायत पर भादंसं की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

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