देश की खबरें | टोंगा में 2022 की ज्वालामुखी सबसे बड़े प्राकृतिक विस्फोट में से एक : अध्ययन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वैज्ञानिकों ने कहा कि टोंगा में 2022 में समुद्र के नीचे फटा ज्वालामुखी अमेरिका में मार्च 1954 के परमाणु विस्फोट से कहीं अधिक शक्तिशाली था और यह एक सदी से अधिक वक्त में सबसे बड़े प्राकृतिक विस्फोटों में से एक था।
नयी दिल्ली, 15 अप्रैल वैज्ञानिकों ने कहा कि टोंगा में 2022 में समुद्र के नीचे फटा ज्वालामुखी अमेरिका में मार्च 1954 के परमाणु विस्फोट से कहीं अधिक शक्तिशाली था और यह एक सदी से अधिक वक्त में सबसे बड़े प्राकृतिक विस्फोटों में से एक था।
हुंगा टोंगा-हुंगा हापई से हुए 15 मेगाटन के ज्वालामुखी विस्फोट से सुनामी आयी जिससे टोंगा के टोफुआ आइलैंड के तट पर 45 मीटर ऊंची लहरें उठी और देश के सबसे घनी आबादी वाले द्वीप टोंगाटापू पर 17 मीटर ऊंची लहरें उठीं।
अमेरिका में मियामी विश्वविद्यालय और गैर-लाभकारी अनुसंधान संगठन ‘खालिद बिन सुल्तान लिविंग ओशियंस फाउंडेशन’ के वैज्ञानिकों ने यह अध्ययन दुनिया के महासागरों को संरक्षित और सुरक्षित करने में मदद करने के लिए किया।
पत्रिका ‘साइंस एडवांसेज’ में प्रकाशित अध्ययन में यह दिखाया गया है कि क्षेत्र में प्रशांत महासागर की जटिल गहरायी ने कम वेग की लहरों के जाल के तौर पर काम किया जिससे शुरुआती विस्फोट के एक मिनट बाद ही 85 मीटर ऊंची लहरें उठने के साथ ही एक घंटे से अधिक समय तक सुनामी आयी।
मियामी विश्वविद्यालय में समुद्र भूविज्ञान विभाग के प्रोफेसर सैम पुर्किस ने कहा, ‘‘अपने आकार और समय अवधि के बावजूद हुंगा टोंगा हुंगा हापई से पैदा हुई सुनामी ने बहुत कम लोगों की जान ली।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसकी मुख्य वजह घटनास्थल की विचित्रता, कोविड-19 महामारी और टोंगा में चल रहे जागरूकता प्रयास हैं।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)