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देश की खबरें | 2020 दिल्ली दंगा: अदालत ने आईबी कर्मी अंकित शर्मा की हत्या मामले में तीन आरोपियों को जमानत दी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने फरवरी 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) के कर्मी अंकित शर्मा की हत्या से संबंधित एक मामले में बृहस्पतिवार को तीन व्यक्तियों को यह कहते हुए जमानत दे दी कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान जमानत नियम है जबकि जेल अपवाद है।

देश की खबरें | 2020 दिल्ली दंगा: अदालत ने आईबी कर्मी अंकित शर्मा की हत्या मामले में तीन आरोपियों को जमानत दी

नयी दिल्ली, दो मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने फरवरी 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) के कर्मी अंकित शर्मा की हत्या से संबंधित एक मामले में बृहस्पतिवार को तीन व्यक्तियों को यह कहते हुए जमानत दे दी कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान जमानत नियम है जबकि जेल अपवाद है।

उच्च न्यायालय ने आरोपी शोएब आलम, गुलफाम और जावेद को राहत देते हुए कहा कि वे चार साल से हिरासत में हैं और मामले की सुनवाई जल्द खत्म होने की संभावना नहीं है।

न्यायमूर्ति नवीन चावला ने कहा, ‘‘हालांकि मौत या आजीवन कारावास की सजा वाले मामले में किसी आरोपी को जमानत देने के लिए केवल कारावास की लंबी अवधि ही पर्याप्त कारण नहीं हो सकती, तथापि, अदालत को इस पर विचार करते समय अभियोजन या समाज के हित और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत आरोपियों को मिले अधिकारों की गारंटी के बीच संतुलन पर गौर करना होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह याद रखना चाहिए कि मुकदमे के लंबित रहने के दौरान जमानत नियम है जबकि जेल अपवाद है। साथ ही, मुकदमे के दौरान किसी आरोपी को जेल में रखने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि वह मुकदमे का सामना करे, फरार न हो और दोषी पाए जाने पर अपनी सजा काटने के लिए उपलब्ध रहे। इसका उद्देश्य आरोपी को दंडित करना नहीं होता है।''

अदालत ने हालांकि, चौथे आरोपी नाजिम को जमानत देने से इनकार कर दिया और कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा अभी भी महत्वपूर्ण गवाहों से जिरह की जानी है तथा ऐसी आशंका है कि अगर उसे जमानत पर रिहा किया गया तो वह उन्हें प्रभावित कर सकता है या धमकी दे सकता है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 26 फरवरी, 2020 को शिकायतकर्ता रवींद्र कुमार ने दयालपुर थाने को सूचित किया कि आईबी में तैनात उनका बेटा अंकित शर्मा एक दिन पहले से लापता है।

शिकायतकर्ता को बाद में स्थानीय लोगों से पता चला कि एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई है और शव खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया है। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि शर्मा का शव खजूरी खास नाले से मिला था और उस पर चोट के 51 निशान थे।

आम आदमी पार्टी (आप) का पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन इस मामले के आरोपियों में से एक है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, चारों आरोपी उस हिंसक भीड़ का हिस्सा थे जिसने शर्मा की हत्या की थी और दंगे तथा आगजनी में शामिल थे।

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थकों और विरोधियों के बीच हिंसा नियंत्रण से बाहर होने के बाद 24 फरवरी, 2020 को उत्तर पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक झड़पें हुई थीं, जिसमें कम से कम 53 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 02, 2024 09:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).