उत्तर प्रदेश के 20 जिलों को तीन दिन में मिलेंगे वेंटिलेटर
अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) अवनीश कुमार अवस्थी ने शनिवार को यहां संवाददाताओं को बताया, ''मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिये गये हैं कि वेंटिलेटर की सुविधा उन सभी 20 जनपदों में तीन दिन के अन्दर सुनिश्चित की जाये, जहां अभी यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।''
लखनऊ, दो मई उत्तर प्रदेश सरकार तीन दिन के भीतर उन 20 जिलों में वेंटिलेटर (जीवन रक्षक प्रणाली) की सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है, जहां फिलहाल ये सुविधा नहीं है।
अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) अवनीश कुमार अवस्थी ने शनिवार को यहां संवाददाताओं को बताया, ''मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिये गये हैं कि वेंटिलेटर की सुविधा उन सभी 20 जनपदों में तीन दिन के अन्दर सुनिश्चित की जाये, जहां अभी यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।''
अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की प्रशिक्षण व्यवस्था को जारी रखने के अलावा निजी चिकित्सकों तथा आयुष के चिकित्सकों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिये ताकि कोविड अस्पतालों में इनकी सेवाएं आवश्यकतानुसार प्राप्त की जा सकें।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना के खिलाफ जंग में निर्णायक विजय प्राप्त करने के लिए संक्रमण की प्रत्येक कड़ी को तोड़ना आवश्यक है। प्रत्येक जनपद में कोविड तथा और गैर कोविड अस्पताल चिह्नित किये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोरोना के मरीज का उपचार केवल कोविड अस्पताल में ही किया जाए। अन्य रोगों के उपचार की व्यवस्था गैर कोविड अस्पताल में की जाए। अस्पतालों की आपात सेवा में मरीज की जांच की जाए।
योगी ने कहा है कि कोरोना के लक्षण वाले रोगियों को कोविड अस्पताल में उपचारित किया जाए। 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों अथवा छोटे बच्चों के कोरोना संक्रमित होने पर उनका उपचार एल-2 या एल-3 कोविड अस्पताल में किया जाए। एल-1, एल-2 तथा एल-3 कोविड चिकित्सालयों में बिस्तरों की संख्या में वृद्धि के लिए तेजी से कार्य किया जाए। सभी मंडलों में एल-3 अस्पताल स्थापित किये जाएं।
अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि सावधानी एवं सतर्कता से ही कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है। चिकित्सा कर्मियों में संक्रमण को रोकने के लिए अस्पतालों में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट, एन-95 मास्क, दस्ताने तथा सेनेटाइजर सहित सुरक्षा के सभी आवश्यक मानक अपनाये जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में सामान्य बर्हिगम रोगी विभाग अभी संचालित न की जाए। इससे चिकित्सा कर्मियों या उनके द्वारा संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी। सभी जिला में टेलीफोन पर मरीज को परामर्श प्रदान करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों की सूची समाचार पत्रों में प्रकाशित करायी जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि घर-घर सामान पहुंचाने की सुविधा को और बेहतर बनाया जाए। पृथकवास केंद्र की संख्या में वृद्धि की जाए। इनमें सामाजिक दूरी का कड़ाई से पालन कराया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पृथकवास केंद्र तथा आश्रय स्थल में साफ-सफाई तथा सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रहे।
उन्होंने सामुदायिक रसोईघर में भी साफ-सफाई के सभी मानकों का पालन करते हुए भोजन तैयार कराने के निर्देश दिये और कहा कि ऐसी व्यवस्था बनायी जाए कि प्रत्येक पृथकवास केंद्र में राजस्व विभाग का एक कर्मी सदैव उपलब्ध रहे।
अवस्थी ने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के आपदा काल में भी प्रदेश सरकार ने समय से 16 लाख राज्य कर्मचारियों को वेतन तथा 12 लाख सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन दे दी है।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 02, 2020 10:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

