ताजा खबरें | पिछले पांच वर्ष में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 2.27 करोड़ छात्रों ने निजी स्कूलों में दाखिला लिया: सरकार
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि पिछले पांच वर्ष में ईडब्ल्यूएस श्रेणी (आर्थिक रूप से कमजोर) के 2.27 करोड़ से अधिक छात्रों ने निजी स्कूलों में दाखिला लिया। इस मामले में मध्य प्रदेश शीर्ष पर और राजस्थान दूसरे स्थान पर है।
नयी दिल्ली, दो अगस्त केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि पिछले पांच वर्ष में ईडब्ल्यूएस श्रेणी (आर्थिक रूप से कमजोर) के 2.27 करोड़ से अधिक छात्रों ने निजी स्कूलों में दाखिला लिया। इस मामले में मध्य प्रदेश शीर्ष पर और राजस्थान दूसरे स्थान पर है।
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उनके मुताबिक मध्य प्रदेश में निजी स्कूलों में 53 लाख से अधिक ईडब्ल्यूएस क्षेणी के छात्रों को दाखिला मिला है।
आंकड़ों के अनुसार, 2018-19 से 2022-23 तक निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 2.27 करोड़ छात्रों ने दाखिला लिया।
समीक्षाधीन अवधि के दौरान निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस छात्रों का सबसे अधिक नामांकन मध्य प्रदेश में 53 लाख से अधिक दर्ज किया गया, इसके बाद राजस्थान में 38.11 लाख और कर्नाटक में 23.97 लाख से अधिक छात्र पंजीकृत हुए।
देवी ने कहा, ‘‘बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009, सरकार को पड़ोस के स्कूल में छह से 14 साल की उम्र के हर बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने का आदेश देता है।’’
शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12 (1) (सी) के तहत स्कूलों में कमजोर वर्गों और वंचित समूहों के बच्चों को उस कक्षा की संख्या के कम से कम 25 प्रतिशत तक प्रवेश देने का प्रावधान है।
उन्होंने कहा, ‘‘आरटीई अधिनियम में धारा 12 (1) (सी) के तहत बच्चों को प्रवेश देने के लिए निजी स्कूलों को प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। प्रतिपूर्ति राज्य द्वारा किए गए प्रति-बच्चे व्यय या स्कूल द्वारा अन्य बच्चों से ली गई वास्तविक राशि, जो भी कम हो, पर आधारित है।’’
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