ताजा खबरें | देश में 157 चिकित्सा महाविद्यालय क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में : हर्षवर्धन

नयी दिल्ली, 16 मार्च केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने मंगलवार को बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में 157 चिकित्सा महाविद्यालय क्रियान्वयन के अलग-अलग चरणों में हैं।

उन्होंने बताया कि इनमें से 58 महाविद्यालय पहले चरण के तहत, 24 दूसरे और 75 तीसरे चरण के तहत क्रियान्वित होने हैं।

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘वर्ष 2014 के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में 157 चिकित्सा महाविद्यालय विकसित होने के विभिन्न चरणों में हैं। इनमें पहले चरण के 58, दूसरे चरण के 24 और तीसरे चरण के 75 चिकित्सा महाविद्यालय शामिल हैं। अंतिम चरण के 75 महाविद्यालयों की घोषणा हाल ही में की गई थी।’’

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग भी इस बात का आकलन कर रहा है कि देश में कितने चिकित्सा महाविद्यालयों और सीटों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार इसके अनुसार नीतियों को अंतिम रूप देगी।

उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार में अभी तक 22 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों (एम्स) को मंजूरी दी गई है। इनमें से 16 एम्स क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।’’

उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी की सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में देश के विभिन्न हिस्सों में 75 चिकित्सा महाविद्यालयों को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि ये महाविद्यालय आकांक्षी जिलों में हैं जहां के लोग वंचित हैं और जहां निजी व सरकारी क्षेत्र का कोई चिकित्सा महाविद्यालय नहीं है।

एक सवाल के जवाब में हर्षवर्धन ने बताया कि कर्नाटक में अभी कोई एम्स नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं ने इस सिलसिले में केंद्र से आग्रह किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘स्वास्थ्य और वित्त मंत्रालय इस बारे में गंभीरता से काम कर रहे हैं।’’

एक सवाल के लिखित जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘तीसरे चरण में कर्नाटक के लिए चार चिकित्सा महाविद्यालयों की अनुमति दी गई है। इन्हें चिकमंगलूर, हवेरी और यडगिरी में स्थापित किया जाना है। प्रत्येक महाविद्यालय में एमबीबीएस की 150 सीटें होंगी।’’

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