गुजरात से विशेष ट्रेन से भोपाल पहुंचे 1383 श्रमिक
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि गुजरात से आए इन सभी श्रमिकों की यहां पहुंचने के बाद स्टेशन पर मेडिकल स्क्रीनिंग कराई गई। इसके बाद 13 बसों के द्वारा सभी श्रमिकों को इनके जिलों के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि इस श्रमिकों को यात्रा के दौरान भोजन, नाश्ते के पैकेट और पानी की बोतल भी दी गयी।
भोपाल, 11 मई कोरोना वायरस के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के चलते मोरबी (गुजरात) में फंसे मध्यप्रदेश के 1383 श्रमिकों को लेकर सोमवार सुबह एक विशेष ट्रेन भोपाल के हबीबगंज स्टेशन पहुंची। जिला प्रशासन द्वारा भोपाल से 13 बसों द्वारा इन श्रमिकों को इनके जिलों को रवाना किया गया।
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि गुजरात से आए इन सभी श्रमिकों की यहां पहुंचने के बाद स्टेशन पर मेडिकल स्क्रीनिंग कराई गई। इसके बाद 13 बसों के द्वारा सभी श्रमिकों को इनके जिलों के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि इस श्रमिकों को यात्रा के दौरान भोजन, नाश्ते के पैकेट और पानी की बोतल भी दी गयी।
गुजरात से विशेष ट्रेन से भोपाल आने के बाद योगराज यादव ने कहा, ‘‘आज सुबह भोपाल के हबीबगंज स्टेशन पर उतरने के बाद अब हम सतना के रास्ते में हैं। लॉकडाउन लागू होने के बाद मोरबी कस्बे में फंसने के बाद अब हम घर वापस जा रहे हैं। इससे हम खुश हैं। अधिकारियों ने हमारे टिकट, भोजन और पानी की सब व्यवस्थाएं की हैं।’’
इस सवाल पर कि क्या लॉकडाउन के बाद वापस मोरबी जायेंगे, यादव ने कहा, ‘‘कारखाना 4-5 महिने बंद रहने की संभावना है। लॉकडाउन खुलने के बाद देखेंगे।’’
मोरबी से रायसेन जिले के सांची में अपने घर पहुंचने पर खुश होते हुए विनोद ने कहा कि यह परिवार से मिलने का सुखद संयोग रहा। उन्होंने कहा, ‘‘हबीबगंज उतरने के बाद हम रायसेन होते हुए बस से सांची अपने घर पहुंच गये हैं। घर का हर सदस्य मुझे देखकर खुश हुआ है क्योंकि यह हमारे लिए एक मुश्किल दौर था। ट्रेन में आने में हमें कोई परेशानी नहीं हुई और सभी सुविधाएं प्राप्त हुई। टिकट का किराया भी नहीं लगा।’’
उन्होंने बताया, ‘‘गुजरात में हमारे कारखाने के मालिक ने भी हमें अच्छे से रखा और हमारे राशन की व्यवस्था की।’’
अधिकारी ने बताया कि मोरबी (गुजरात) से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से भोपाल से भेजे गए इन श्रमिको में रीवा-सीधी जिले के 36, छिंदवाड़ा के 72, शहडोल के 21, बैतूल के 97, रायसेन के 20, छतरपुर के 12, सतना के 107, गुना से 62, सीहोर के 120, धार के 67, देवास-आगर मालवा के 80, कटनी-जबलपुर-उज्जैन के 66, उमरिया-मंडला-बालाघाट के 24, दमोह के 13, भोपाल के 43, दतिया के 4, सागर के 249, राजगढ़ के 99, भिंड-ग्वालियर-शिवपुरी-श्योपुर-मुरैना और दतिया के 68, खरगोन- खंडवा के 3-3, विदिशा के 16, सीधी के 3, शाजापुर के 38, झाबुआ-अलीराजपुर- इंदौर के 27, नरसिंहपुर 11 और इंदौर के दो श्रमिक शामिल हैं। विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत इन मज़दूरों में बड़े, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
इन सभी मज़दूरों और उनके परिवार के सभी सदस्यों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई मदद के लिए आभार व्यक्त जताया। उन्होंने कहा की इस संक्रमण और महामारी के दौरान ‘‘हमारा विशेष ध्यान रखते हुए हमें घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on May 11, 2020 10:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

