सिलवासा में दंगा करने के आरोप 100 प्रवासी मजदूर गिरफ्तार
पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि घटनास्थल से 100 श्रमिकों को दंगा और पथराव करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें से अधिकतर श्रमिक उत्तर प्रदेश से हैं। घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।
सिलवासा, छह मई केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नागर हवेली के सिलवासा में, कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान घर भेजे जाने की मांग को लेकर मंगलवार की रात 100 से अधिक प्रवासी मजदूर हिंसक हो गए।
पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि घटनास्थल से 100 श्रमिकों को दंगा और पथराव करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें से अधिकतर श्रमिक उत्तर प्रदेश से हैं। घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।
अधिकारी ने कहा कि मजदूर नरोली औद्योगिक क्षेत्र में धागा निर्माण की एक इकाई में काम करते हैं और कारखाने के पास एक श्रमिक कॉलोनी में रहते हैं।
विरोध करते हुए सड़कों पर उतरने से पहले उन्होंने मीडिया को बताया था कि वे अपने अपने गृह राज्य वापस जाना चाहते हैं।
पुलिस अधीक्षक शरद दराडे ने कहा कि प्रशासन उनकी देखभाल कर रहा है, इसके बावजूद वे श्रमिक धैर्य खो बैठे।
उन्होंने कहा, "देर रात करीब 100 प्रवासी श्रमिक विरोध करते हुए सड़कों पर आ गए और पुलिस पर उन्होंने पथराव किया। उन्होंने एक मोटरसाइकिल को भी आग लगा दी और एक पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया।"
दराडे ने कहा, "एक पुलिसकर्मी को मामूली चोटें आईं। हमने मौके से 100 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ मारपीट और दंगा करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।"
एसपी ने कहा, "स्थानीय प्रशासन इन प्रवासियों की अच्छी देखभाल कर रहा है। हम उन्हें भोजन भी उपलब्ध करा रहे हैं, और अब तो कारखानों में काम भी शुरु हो गया है।"
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