संदेश भेजने के विवाद के बाद फिर से टीम में नहीं चुना जाना चाहिए था पीटरसन : वान
पीटरसन पर तब आरोप लगे थे कि उन्होंने एक टेस्ट मैच के दौरान विरोधी टीम को अपने कप्तान एंड्रयू स्ट्रास के बारे में गलत संदेश भेजे थे।
मेलबर्न, 22 अप्रैल पूर्व कप्तान माइकल वान का मानना है कि केविट पीटरसन को 2012 में संदेश भेजने संबंधी विवाद के बाद फिर से इंग्लैंड की टीम में नहीं चुना जाना चाहिए था।
पीटरसन पर तब आरोप लगे थे कि उन्होंने एक टेस्ट मैच के दौरान विरोधी टीम को अपने कप्तान एंड्रयू स्ट्रास के बारे में गलत संदेश भेजे थे।
बेहद प्रतिभाशाली पीटरसन एशेज की चार श्रृंखलाओं में जीत दर्ज करने वाली टीम का हिस्सा थे जिनमें 2005 की जीत भी शामिल है लेकिन बाद में उनकी इंग्लैंड के टीम प्रबंधन से ठन गयी थी।
पीटरसन पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2012 की श्रृंखला के बीच में विरोधी टीम के खिलाड़ियों को स्ट्रास के खिलाफ संदेश भेजने का आरोप लगा था।
लीड्स में अगस्त 2012 में खेले गये दूसरे टेस्ट मैच के दौरान भेजे गये इन संदेशों का पूरा विवरण अब भी पता नहीं है। कुछ ने कहा था कि दक्षिण अफ्रीकी मूल के पीटरसन ने तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्कल को स्ट्रास को आउट करने के लिये टिप्स दिये थे।
वान ने फॉक्सस्पोर्ट्स.काम.एयू से कहा, ‘‘मैंने कभी इसमें शत प्रतिशत स्पष्टीकरण नहीं देखा लेकिन अगर उसने ऐसा किया तो मेरी निजी राय है कि उसके बाद उसे कभी इंग्लैंड की तरफ से नहीं खेलना चाहिए था। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर इंग्लैंड के एक खिलाड़ी के लिये यह मायने नहीं रखता कि वह कौन है और उसे विरोधी अंतरराष्ट्रीय टीम को यह संदेश भेजते हुए पाया जाता है कि उनके खुद के साथी खिलाड़ी को कैसे आउट करना है तो मुझे लगता है कि उसे फिर से इंग्लैंड की तरफ से नहीं खेलना चाहिए। ’’
पीटरसन को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लार्ड्स टेस्ट के लिये टीम में नहीं चुना गया लेकिन उन्होंने 2012 के भारतीय दौरे के लिये टीम में वापसी की। उन्होंने इस प्रकरण के बाद 2014 में संन्यास लेने से पहले 16 और टेस्ट मैच खेले थे। उन्होंने कुल 104 टेस्ट मैचों में 8181 रन बनाये।
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