वैश्विक बोर्ड से किसी भी उद्देश्य की पूर्ति नहीं, उसे भंग किया जाए: भाजपा सांसद दासगुप्ता ने ममता बनर्जी को पत्र लिखा

दासगुप्ता ने पत्र में लिखा है कि राज्य सरकार ने अखबारों और डिजिटल मीडिया पर विज्ञापन देकर ‘‘वर्तमान के कठिन समय में’’ राज्य के खजाने से खर्च करके वैश्विक परामर्श बोर्ड गठित करने का ‘‘ढिंढोरा पीटा’’ था।

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कोलकाता, छह मई भाजपा के राज्यसभा सदस्य स्वपन दासगुप्ता ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर उस वैश्विक बोर्ड को भंग करने की मांग की जिसका गठन पिछले महीने उनकी सरकार को लॉकडाउन के बाद अर्थव्यवस्था को बहाल करने के बारे में परामर्श देने के लिए किया गया था। दासगुप्ता ने कहा कि इससे किसी वास्तविक उद्देश्य की पूर्ति नहीं हुई है।

दासगुप्ता ने पत्र में लिखा है कि राज्य सरकार ने अखबारों और डिजिटल मीडिया पर विज्ञापन देकर ‘‘वर्तमान के कठिन समय में’’ राज्य के खजाने से खर्च करके वैश्विक परामर्श बोर्ड गठित करने का ‘‘ढिंढोरा पीटा’’ था।

उन्होंने सवाल किया कि क्या वैश्विक परामर्श बोर्ड की एक बार भी वीडियो कान्फ्रेंस से भी बैठक हुई है जिसमें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बोर्ड को भंग करने की मांग की।

पत्रकार से नेता बने दासगुप्ता ने कहा कि लोग बोर्ड के कामकाज के बारे में जानने को लेकर उत्सुक हैं क्योंकि ‘‘उसके गठन और विज्ञापन के जरिये प्रचार पर जनता की राशि खर्च हुई है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि इससे किसी भी वास्तविक उद्देश्य की पूर्ति नहीं हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘शायद इसका समय आ गया है कि वैश्विक परामर्श बोर्ड को भंग कर दिया जाए और वास्तविक मुद्दों पर ध्यान दिया जाए जिससे पश्चिम बंगाल के लोगों को यह आश्वस्त करने में मदद हो कि महामारी के समय उनकी रक्षा होगी।’’

मुख्यमंत्री बनर्जी ने छह अप्रैल को कहा था, ‘‘हमने इस बारे में भविष्य की योजना तैयार करने के लिए एक वैश्विक सलाहकार बोर्ड का गठन किया है कि अर्थव्यवस्था को कैसे बहाल करना है, कैसे दबे कुचलों की मदद करनी है और स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा कैसे विकसित करना है।’’

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