अब अदालत को यह निर्णय लेना है कि विपक्ष के इस लोकप्रिय नेता पर आरोप तय किए जाएं या नहीं और मुकदमा लंबित रहने तक उन्हें जेल में रखा जाए या नहीं।
इमामोग्लू को हिरासत में लिए जाने से तुर्किये में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और देशभर में व्यापक पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध जताने के लिए कई शहरों में रैलियां निकालीं।
कई लोगों का मानना है यह गिरफ्तारी राजनीतिक रूप से प्रेरित है और यह कार्रवाई इसलिए की गई है ताकि 2028 में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव में एर्दोआन के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी को मुकाबले से हटाया जा सके। सरकारी अधिकारियों ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि तुर्किये की अदालतें स्वतंत्र हैं।
‘कुम्हुरियत’ अखबार की खबर के अनुसार, पुलिस ने शनिवार को इमामोग्लू से लगभग पांच घंटे तक पूछताछ की। यह पूछताछ प्रतिबंधित ‘कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी’ (पीकेके) को सहायता देने के आरोपों की जांच के तहत की गई। इससे एक दिन पहले उनसे भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में चार घंटे तक पूछताछ की गई थी। मेयर ने पूछताछ के दौरान सभी आरोपों को खारिज किया।
बाद में उन्हें अभियोजकों द्वारा पूछताछ के लिए एक अदालत ले जाया गया। उनके साथ हिरासत में लिए गए लगभग 90 अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए ले जाया गया।
पुलिस ने इमामोग्लू को बुधवार को उनके घर पर छापे के बाद हिरासत में लिया था।
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