जरुरी जानकारी | तांबा संयंत्र को फिर से खोलने में अनिल अग्रवाल ने प्रधानमंत्री मोदी की मदद मांगी
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नयी दिल्ली, नौ जून अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल ने कंपनी समूह की तमिलनाडू में तूतीकारिन स्थित ताबां कारखाने को फिर से चालू करवाने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मदद का आग्रह किया है।
अग्रवाल ने कहा कि दो साल पहले इस काारखाने के बंद हो जाने की वजह से देश में ताबे का आयात बढ़ा है और इससे सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान को झटका लगा है।
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तमिलनाडू सरकार ने मई 2018 में इस कारखाने को स्थायी रूप से बंद करने का आदेश दे दिया था। थूतूकुडी स्थित इस कारखाने को लेका क्षेत्र में हिंसक प्रदर्शन हुये थे। उग्र प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिये पुलिस को गोली चलानी पड़ी थी जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी।
मोदी को भेजे दो पन्ने के पत्र में अग्रवाल ने लिखा है कि वेदांता के कॉपर स्टरलाइन प्लांट और ताप विद्युत संयंत्र के बंद होने का देश को कई तरह से नुकसान हुआ है। पहला नुकसान यह हुआ है कि पिछले दो दशक में पहली बार देश तांबे का शुद्ध आयातक बना है और दूसरे हजारों कर्मचारी बेरोजगार हुये हैं।
उन्होंने कहा है कि कीमती मशीनरी और सामान बेकार पड़ा है और राज्य सरकार के साथ साथ केन्द्र को भी कर और उपकर के रूप में राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने लिखा है, ‘‘कारखाने के बंद होने के परिणामस्वरूप 1.2 अरब डालर से अधिक की बेशकीमती विदेशी मुद्रा का नुकसान हुआ है। यह नुकसान रुपयों में करीब 40,000 करोड़ रुपये के करीब है।’’
इसके साथ ही पाकिसतान का चीन को होने वाला तांबा निर्यात पिछले साल बढ़कर 55 करोड़ डालर पर पहुंच गया जो कि तीन साल पहले 10.60 करोड़ डालर पर था। इस प्रकार इसमें 400 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
उन्होंने मोदी से अपील की है कि देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार के हितों को ध्यान में रखते हुये ऐसे उपाय किये जाने चाहिये जिससे कि यह कारखाना चालू हो सके। देश के ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ की बुनियाद को मजबूत बनाने के लिये इन कारखानों को चालू करना जरूरी है।
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