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चीन ने कोविड-19 मामले पर अमेरिका में दर्ज मुकदमे को ‘‘मूर्खतापूर्ण’’ बताकर खारिज किया

इस मुकदमे में चीन द्वारा कोरोना वायरस से जुड़ी जानकारी छिपाने और इससे आगाह करने वालों को गिरफ्तार करके दुनिया को अपूरणीय क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।

चीन ने कोविड-19 मामले पर अमेरिका में दर्ज मुकदमे को ‘‘मूर्खतापूर्ण’’ बताकर खारिज किया

बीजिंग, 22 अप्रैल चीन ने अमेरिकी राज्य मिसौरी द्वारा कोविड-19 को लेकर उसके खिलाफ दायर मुकदमे को ‘‘ मूर्खतापूर्ण’’ और संप्रभुत्ता का उल्लंघन करार देते हुए बुधवार को खारिज कर दिया।

इस मुकदमे में चीन द्वारा कोरोना वायरस से जुड़ी जानकारी छिपाने और इससे आगाह करने वालों को गिरफ्तार करके दुनिया को अपूरणीय क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।

ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट मिसौरी की एक अदालत में मिसौरी के अटॉर्नी जनरल एरिक शिमिट की ओर से चीन की सरकार, वहां की सत्तारूढ़ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य चीनी अधिकारियों एवं संस्थानों के खिलाफ अपनी तरह का पहला मुकदमा दायर किया गया है।

इसमें आरोप लगाया गया है कि कोरोना वायरस के फैलने के शुरुआती अहम सप्ताहों में चीन के अधिकारियों ने जनता को धोखा दिया, महत्वपूर्ण सूचनाओं को दबाया, इस बारे में जानकारी सामने लाने वालों को गिरफ्तार किया, पर्याप्त प्रमाण होने के बावजूद मनुष्य से मनुष्य में संक्रमण की बात से इनकार किया, महत्वपूर्ण चिकित्सकीय अनुसंधानों को नष्ट किया, लाखों लोगों को संक्रमण की जद में आने दिया और यहां तक कि निजी सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) की जमाखोरी की जिससे महामारी वैश्विक हो गयी।

याचिका में एक आरोप जनजीवन बाधित करने, एक आरोप असाधारण तरीके से खतरनाक गतिविधि करने और दो आरोप कर्तव्य के निर्वहन में खामी के लगाए गए हैं।

इस मुकदमे पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, ‘‘ कथित आरोपों में कोई तथ्य और कानूनी आधार नहीं है। यह कुछ नहीं मूर्खता है।

उन्होंने दोहराया कि महामारी की शुरुआत से ही चीनी सरकार ने खुली, पारदर्शी और जिम्मेदारीपूर्वक घटना की जानकारी अमेरिका, अन्य देशों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को दी। इसके अलावा वायरस का सामान्य अनुक्रमण जारी किया।

गेंग ने कहा कि अद्यतन सूचनाएं सुनिश्चित करने के लिए चीन तीन जनवरी से ही इस मुद्दे पर अमेरिका से संवाद कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह चीन के महत्वपूर्ण योगदान का हिस्सा है और विश्व समुदाय ने इसे मान्यता दी है। यह कथित मुकदमा दुर्भावनापूर्ण तरीके से कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है।’’

प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत यह मुकदमा मौलिक कानून और समान संप्रभुत्ता के सिद्धांत का उल्लंघन करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘महामारी पर चीन सरकार की कार्रवाई अमेरिकी अदालत के न्यायाधिकार क्षेत्र में नहीं है।’’

गेंग ने कहा कि इस तरह से मुकदमे का दुरुपयोग महमारी को रोकने का प्रयास कर रहे अमेरिका के हित में भी नहीं है और इससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह के दुर्भावनापूर्ण मुकदमे को अमेरिका द्वारा खंडन एवं खारिज किया जाना चाहिए।’’

उल्लेखनीय है कि इस मुकदमें के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोलाल्ड ट्र्रम्प, अमेरिका के शीर्ष राजनीतिज्ञ और अधिकारी भी कोरोना वायरस से होने वाली मौतों को छिपाने का आरोप चीन पर लगा उसकी कड़ी आलोचना कर रहे हैं।

चीन में कोरोना वायरस से संक्रमण के 82,788 मामले आए जिनमें से 4,632 लोगों की मौत हुई जबकि अमेरिका में 8,24,600 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं और इनमें से 45,290 लोगों को जान गंवानी पड़ी है जो दुनिया में किसी एक देश में हुई मौतों के मामले में सबसे अधिक है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 22, 2020 06:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).